बलरामपुर। छत्तीसगढ़ सर्व नाई सेन समाज बलरामपुर जिले में तीन लोगों की जघन्य हत्या को लेकर आक्रोशित है। समाज के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए पांच सूत्रीय मांगों के प्रति ध्यान आकर्षित कराया गया है।
समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश कुमार ठाकुर ने कहा है कि 5 वर्षीय बालक, 17 वर्षीय लड़की और उसकी मां के गायब होने की सूचना स्वजनों ने एक अक्टूबर को मौखिक रूप से कुसमी थाने को दी थी। इसके बाद 5 अक्टूबर को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। बावजूद इसके पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। स्वजनों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी ज्ञापन सौंपा, लेकिन पुलिस की सुस्ती बनी रही। समाज के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो बड़ी घटना को टाला जा सकता था। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश कुमार ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष पुनीत राम सेन, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष मोना सेन, नंदकुमार सेन केशशिल्पी बोर्ड अध्यक्ष, भुवन लाल कौशिक प्रदेश सचिव, विनोद सेन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भूपेंद्र सेन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष श्रीवास प्रदेश उपाध्यक्ष, धनसिंह सेन, प्रदेश मीडिया प्रभारी, सुशील कौशिक, भीखम सेन दुर्ग जिला अध्यक्ष, सुमन कौशिक प्रदेश सचिव और अन्य समाज के लोग शामिल रहे।
समाज की पांच सूत्रीय मांग
मृतकों के स्वजन को 2 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। परिवार के किसी एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए। 15 वर्षीय बच्ची मधु ठाकुर की पूरी शिक्षा का खर्च सरकार वहन करे। लापरवाह पुलिस पर कार्रवाई हो और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक को तत्काल जिले से हटाया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
समाज ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस हत्याकांड ने पूरे नाई सेन समाज को झकझोर कर रख दिया है। यदि सरकार उचित कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। शासन-प्रशासन ने समय पर उचित कदम नहीं उठाया तो सर्व नाई सेन समाज का आंदोलन पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर फैल सकता है।

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