कलेक्टर ने एक दिन पहले ही तहसीलदार को दिए थे निर्देश

अंबिकापुर। फर्जी आदेशों का मामला संज्ञान में आने पर कलेक्टर विलास भोसकर ने बीते मंगलवार को समय सीमा की बैठक में राजस्व अधिकारियों को सतर्क रहकर न्यायालयीन कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में तहसीलदार अंबिकापुर के आवेदन पर कोतवाली पुलिस ने राजस्व मंडल के आदेशों में कूटरचना करने की शिकायत पर 05 लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) के तहत रिपोर्ट दर्ज किया है।.

जानकारी के मुताबिक तहसीलदार अंबिकापुर ने कोतवाली थाना में दर्ज कराए गए रिपोर्ट में बताया है कि पक्षकार अशोक अग्रवाल पिता महावीर अग्रवाल निवासी मेन रोड राजपुर जिला बलरामपुर विरूद्ध सुखमनिया, घनश्याम अग्रवाल पिता धनीराम अग्रवाल निवासी प्रेमनगर जिला सूरजपुर विरूद्ध सुखमणिया, फारूख पिता अब्दुल रशीद निवासी मणिपुर अंबिकापुर विरूद्ध अशोक व पक्षकार जुनैल हसन फिरदौसी पिता नुरूल हसन फिरदौसी निवासी नवागढ़ अंबिकापुर विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन के लिए न्यायालय राजस्व मण्डल बिलासपुर द्वारा पारित आदेश, दस्तावेज संदेहास्पद होने पर इसकी जांच कलेक्टर सरगुजा ने स्वयं की। जांच में सामने आया कि कूटरचित दस्तावेज राजस्व मंडल बिलासपुर में पेश करके आदेश पारित कराया गया है। 05 सितम्बर 2024 को राजस्व मंडल, छग बिलासपुर ने न्यायालय के कूटरचित आदेशों का पर्दाफास किया था। राजस्व मंडल के प्रकरण में पक्षकार अशोक अग्रवाल विरूद्ध सुखमणिया, घनश्याम अग्रवाल विरूद्ध सुखमणिया, फारूख विरूद्ध अशोक, जैनुल हसन फिरदोसी के भूमि संबंधी प्रकरण में राजस्व मंडल बिलासपुर ने बताया है कि न्यायालय द्वारा पारित मूल आदेशों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। परीक्षण उपरांत तहसीलदार अम्बिकापुर, सरगुजा (छ.ग.) के आदेशों में भिन्नता स्पष्ट रूप से पाई गई है। इससे स्पष्ट है कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत राजस्व मंडल बिलासपुर के आदेशों में कूटरचना की गई है, जो गंभीर अपराधिक कृत्य है। राजस्व मंडल ने संबंधितों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद एक दिन पूर्व ही कलेक्टर सरगुजा ने पत्र जारी कर निर्देशित किया था कि उक्त सभी पक्षकरों, जिन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालय में राजस्व मंडल छग बिलासपुर के कूटरचित आदेशों को प्रस्तुत कर इसका क्रियान्वयन कराने बाबत आवेदन प्रस्तुत किया है, उनके विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाएं। इसके पालन में तहसीलदार अंबिकापुर की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

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