एंबुलेंस में शव रखकर स्वजन को सुपुर्द करने पुलिस करती रही इंतजार, पुन: मर्च्युरी में रखवाया शव  
04 हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीतापुर में सर्व आदिवासी समाज ने किया विरोध प्रदर्शन, छावनी बना इलाका  

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना अंतर्गत लापता राजमिस्त्री के शव मिलने के मामले में पुलिस ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मारपीट, अपहरण और हत्या के मामले में अभी भी पुलिस शेष आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। वहीं सर्व आदिवासी समाज ने घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए हत्यारोपियों को मौत की सजा देने और पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की है। शनिवार को सीतापुर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, इसके बाद आनन-फानन में कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को रवाना किया गया, जिससे इलाका छावनी में तब्दील हो गया। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसे देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इधर कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा द्वारा सीतापुर थाने में तत्समय पदस्थ उप निरीक्षक एवं वर्तमान में पदस्थ आरक्षक के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की है।


बता दें कि सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलजोरा निवासी दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा विगत तीन माह से लापता था। संदेहियों से अलग-अलग पूछताछ करने पर सामने आया कि 07 जून 2024 को अभिषेक पाण्डेय के ठेकेदारी कार्यस्थल से लोहा व छड़ की चोरी कर लेने के संदेह पर दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा को आरोपी सोनतरई सीतापुर स्थित अपने ऑफिस में ले गए थे। यहां हाथ, मुक्का, लात व बेसबॉल बैट से मारपीट करने के बाद हत्या करने के उद्देश्य से अत्यधिक घायल अवस्था में हाथ-पांव बांधकर आमाटोली सीतापुर स्थित अपने गोदाम में ले जाकर बंद करके चले गए थे। 08 जून को आरोपी गोदाम पहुंचे तो अपहृत दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा दम तोड़ चुका था। मृतक के शव को अभिषेक पाण्डेय की कम्पनी के पिकप वाहन में लोड करके प्रत्युष पाण्डेय एवं अन्य आरोपी कमलेश्वरपुर के ग्राम लुरेना ले गए और अभिषेक पाण्डेय के साथ बड़वापाट मोहल्ले में नल-जल योजना के तहत लगाए जा रहे (ओवरहेड टैंक) पानी टंकी के टॉवर के नीचे जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव को डाल दिया और ऊपर से क्रांकीट से ढलाई करा दिया था। यही नहीं पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी शातिराना ढंग से मृतक की गुमशुदगी दिखाने के लिए उसके मोबाइल फोन को अन्य जगहों में ले गए और संबंधित इलाकों में मृतक के उपस्थित होने संबंधी भ्रामक जानकारी दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष ग्राम लुरेना बड़वापाट में नल-जल योजना के तहत बनाए गए पानी टंकी के नीचे के स्थल को जेसीबी से खोदाई करवाया और मृतक का शव बरामद किया। शव की पहचान स्वजनों के द्वारा करने के बाद मामले में मर्ग कायम किया गया। आरोपियों का कृत्य धारा 302, 201 भादंसं का पाए जाने पर प्रकरण में उपरोक्त धारा को जोड़ा गया। पुलिस टीम द्वारा प्रकरण में शामिल आरोपी अभिषेक पाण्डेय एवं अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। शेष आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने की बात पुलिस कहर रही है।

पुलिस ने इन हत्यारोपियों को गिरफ्तार की

* प्रत्युष पाण्डे उर्फ प्रत्युष गौरव उर्फ बिट्टू 21 वर्ष निवासी पत्थलगांव रायगढ़ रोड, रेस्ट हाउस के पीछे थाना पत्थलगांव जिला जशपुर वर्तमान ठिकाना सुर थाना सीतापुर।
* गुड्डू कुमार 22 वर्ष निवासी धरहराकला थाना फतेहपुर जिला गया बिहार, वर्तमान ठिकाना गौरव पथ रोड एलआईसी ऑफिस के पास थाना सीतापुर।
* तुलेश्वर तिवारी उर्फ गुड्डू 24 वर्ष निवासी खड़ादोरना नरवापारा थाना सीतापुर जिला सरगुजा।
* शैलशक्ति साहू उर्फ छोटू 20 वर्ष निवासी ढोढ़ीटिकरा वार्ड नंबर 12 थाना पत्थलगांव व शांतिनगर तिलडेगा रोड पत्थलगांव जिला जशपुर वर्तमान ठिकाना सुर थाना सीतापुर।
दूसरे दिन भी शव नहीं ले गए स्वजन

पुलिस के द्वारा 15 फिट की गहराई से निकलवाए गए शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन ले नहीं गए हैं। शव को क्षेत्रीय अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद पुलिस स्वजनों के सुपुर्द करना चाही, लेकिन शोकाकुल स्वजन इसे स्वीकार नहीं किए। ऐसे में पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्च्युरी में फ्रिजर में रखवाया था। शनिवार को पुन: पुलिस ने शव को स्वजनों को सौंपना चाहा, इसके लिए मोबाइल फोन में हुई बातचीत के बाद पुलिस ने मृतक के शव को प्लास्टिक की पन्नी और कपड़ों में लपेटकर शव वाहन बुलवाकर रखवा दिया था। घंटों इंतजार के बाद परिवार के किसी भी सदस्य के नहीं पहुंचने की स्थिति में लगभग चार घंटे बाद शव को पुन: मर्च्युरी के फ्रीजर में रखवा दिया है। हालांकि इसके पहले चर्चा इस बात की भी हो रही थी कि विशेष पुलिस टीम शव को ग्राम बेलजोरा ले जाकर स्वजन के सुपुर्द करेगी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। पुलिस की विशेष टीम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्च्युरी भी पहुंची थी।

पुलिस महानिरीक्षक ने इन्हें किया निलंबित
थाना सीतापुर अंतर्गत गुम इंसान 33/24 की विवेचना में गंभीर लापरवाही करने पर तत्समय थाना सीतापुर में पदस्थ उप निरीक्षक रमेश चंद्र राय एवं थाना सीतापुर में वर्तमान में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 575 रुपेश महंत की लापरवाही सामने आने पर इन्हें पुलिस महानिरीक्षक ने निलंबित कर दिया है। इनके द्वारा प्रकरण में संदिग्ध आचरण का प्रदर्शन करना पाया गया है। ऐसे में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंकित गर्ग ने उपरोक्त अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इनका निलंबन किया गया है। उप निरीक्षक रमेश चंद्र राय की वर्तमान तैनाती जिला कोरिया में है, इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र जिला कोरिया एवं आरक्षक क्रमांक 575 रुपेश महंत थाना सीतापुर जिला सरगुजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अंबिकापुर संबद्ध किया गया है।

एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो, नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर राजेंद्र मंडावी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम में शामिल साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर उप निरीक्षक अशोक शर्मा, थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक रघुराम भगत, सहायक उप निरीक्षक शिवचरण साहू, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, स्पेशल टीम प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, संजीव चौबे, अमित विश्वकर्मा, राहुल सिंह, विकास सिंह, अरविन्द उपाध्याय, ऋषभ सिंह, अशोक यादव, वीरेंद्र पैकरा, मनीष सिंह, संजय एक्का, आलोक गुप्ता सक्रिय रहे। शव की बरामदगी के साथ ही तकनीकि जानकारी प्राप्त करके आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुट गई थी। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम अन्य आरोपियों के तलाश में जुट गई है।

मुख्य आरोपी सहित सहयागियों को सजा-ए-मौत की सजा दी जाए
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अनुविभागीय दंडाधिकारी सीतापुर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम प्रेषित ज्ञापन पत्र में उल्लेख है कि ग्राम पंचायत बेलजोरा निवासी मृतक संदीप लकड़ा का मृत शरीर 75 दिन बाद ग्राम पंचायत लुरैना (बरवापाट) तहसील मैनपाट में 10 फिट नीचे जमीन से बरामद हुआ है। मांग की गई है कि मृतक संदीप लकड़ा के जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी अभिषेक पाण्डेय व सहयोगी प्रत्युश पाण्डेय एवं गौरी तिवारी सहित सभी सहयोगियों को नामजद एफआइआर दर्ज करके गिरफ्तार किया जाए। मृतक के स्वजन पत्नी, बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता को 2 करोड़ आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। मृतक के जघन्य हत्याकांड में विलंब होने के मामले में जिम्मेदार एसपी, एसडीओपी, टीआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके संबंधितों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया जाए। मृतक संदीप लकड़ा की पत्नी सलीमा लकड़ा को शासकीय सेवा दिलाई जाए। मुख्य हत्यारोपी अभिषेक पाण्डेय के निजी खाते से आहरित करोड़ों रुपये का मृतक संदीप लकड़ा के प्रकरण को दबाने, प्रभावित करने में उपयोग करने का आरोप लगाते हुए, इसकी जांच कर संबंधितों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। कहा गया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया आदिवासी हैं। एक आदिवासी युवक के अपहरण व जघन्य हत्या कर शातिराना अंदाज में निर्माणाधीन पानी टंकी के बेस के नीचे दफनाने और ऊपर से पानी टंकी का निर्माण कराने जैसे अमानवीय कृत्य के मुख्य आरोपी सहित उनके दोनों सहयागियों को सजा-ए-मौत की सजा दी जाए।

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