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विद्युत कर्मचारियों की कमी का खामियाजा भुगत रहे बिजली उपभोक्ता

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आए दिन विद्युत फाल्ट होने से होती है परेशानी
बिश्रामपुर। लगातार कर्मचारियों की कमी होने से आमजन को इसका परिणाम भुगतने विवश होना पड़ रहा है। नई भर्ती के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई करके अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला विद्युत विभाग का है। यहां पर कर्मचारियों की कमी की वजह से चार कर्मचारी के भरोसे छब्बीस गांव की विद्युत व्यवस्था बहाल रखने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसी स्थिति में अंदाज लगाया जा सकता है कि गिनती के कर्मचारी किस हद तक लोगों को बेहतर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध करा पाने में सफल हो सकते हैं। गौरतलब है कि बिश्रामपुर विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत लटोरी विद्युत सब स्टेशन के ग्राम पंचायत करवा, लटोरी डीसी व कल्याणपुर फीडर है। यहां बताना लाजिमी होगा कि करवा फीडर अंतर्गत छब्बीस गांव को रखकर विद्युत आपूर्ति कराई जा रही है, जबकि उक्त फीडर में महज चार स्टॉप कार्यरत हैं। यहां पर इतने लंबे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति किस तरह से गिनती के कर्मचारी कैसे पूरी तरह से सफलता पूर्वक संचालित कर रहे होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसी प्रकार कल्याणपुर फीडर में बारह गांव में विद्युत आपूर्ति की जिम्मेदारी भी महज चार कर्मचारी के भरोसे ही चलाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की बेहतर सेवा उपलब्ध कराना कर्मचारियों के अभाव में विभागीय अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। कर्मचारियों की कमी का दंश झेल रहे विभाग की उदासीनता का खामियाजा अब आमजन को मैदानी स्तर पर भुगतने विवश होना पड़ रहा है। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भगवान भरोसे ही चल रहा है। आलम यह है कि कई गांव में एक बार विद्युत व्यवस्था बिगड़ने पर कई घंटों तक लोगों को सुधार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है। साथ ही अधिक दूरी तक लाइन खींचने की वजह से अक्सर विद्युत अव्यवस्था का आलम बना रहता है। विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा उक्त समस्या की ओर कोई उचित पहल नहीं किए जाने से स्थिति दिनों दिन भयावह होती जा रही है। बताया जा रहा है कि अब विद्युत विभाग द्वारा करीब एक वर्ष में ही बिश्रामपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की स्थापना उपभोक्ताओं के यहां करा दी जाएगी। जिससे विभाग को मीटर रीडिंग व बिलिंग की समस्या से निजात तो मिल जाएगी लेकिन मीटर रीडर व बिल भुगतान लेने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। उपभोक्ता में अपने यूज करने के आवश्यकतानुसार मीटर को रिचार्ज करके बिजली का उपयोग कर सकेंगे।

तीन गांव में सरगुजा की है बिजली
बताया जा रहा है कि कि ग्राम पंचायत मंजीरा, रमेशपुर व फुलवार में आज भी सरगुजा जिले के चठीरमा फीडर से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था रखी गई है। बावजूद इसके उक्त गांवों में शेष पूरे देखरेख की जिम्मेदारी सुरजपुर जिले के कर्मचारियों द्वारा पूर्ण की जाती है। यहां पर कर्मचारी के अभाव में स्थानीय लोगों को बेवजह खासी परेशानी का सामना करना पड़ जाता है।
आउट सोर्सिंग के भरोसे कार्य
विभाग द्वारा कर्मचारियों की नई भर्ती प्रक्रिया नहीं किए जाने की वजह से अब विद्युत विभाग का कार्य आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के भरोसे ही संपादित कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2026 तक बिश्रामपुर विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत नियमित कर्मचारियों की संख्या नगण्य हो जाएगा।
की गई है मांग
नियमित कर्मचारियों की भर्ती तो नहीं हो पा रही है, इस वजह से आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की मांग की जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों के पास जानकारी भेजी गई है। लटोरी व सिलफिली फीडर हेतु कम से कम छह-छह और कर्मचारियों का मांग पत्र भेजा गया और आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की भी मांग की गई है, जिससे वन प्लस थ्री की सेटिंग की जा सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बसंत सोम
कार्यपालन अभियंता,
सीएसईबी सूरजपुर

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