मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जरी विभाग ने किया पहला जटिल ऑपरेशन

अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने दो बाइकों की टक्कर में डायाफ्राम फटने से गंभीर रूप से जख्मी अधेड़ की जटिल सर्जरी करके उसकी जान बचाई। इस प्रकार की पहली सर्जरी में मिली बड़ी सफलता के बाद चिकित्सकों ने मरीज को सर्जिकल आईसीयू में अपनी निगरानी में रखा है।

बताया जा रहा है कि मेंड्राकला निवासी टुल्लू राम 55 वर्ष हाल में बाइकों की भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर स्थिति में उसे 12 फरवरी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती किया गया। घायल को श्वांस लेने में दिक्कत हो रही थी, इसे देखते हुए गहन चिकित्सा इकाई में उसे आवश्यक उपचार सुविधा मुहैया कराई जा रही थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। खतरे की स्थिति को देखते हुए जांच, उपचार में लगे चिकित्सक ने इसकी जानकारी सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. एसपी कुजूर को दी। उन्होंने केस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद मरीज की स्थिति को देखते हुए छाती का एक्स-रे, सिटी स्कैन जांच कराने कहा। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि घायल के छाती और उदर गुहा के मध्यपट में कंकाल पेशियों से बने आंतरिक चादर का झिल्ली फटकर छाती में घुस गई है, जिससे उसे श्वांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि डायाफ्राम दोनों गुहाओं को अलग करता है, जिससे आदमी आसानी से श्वांस लेता है। घायल अधेड़ को श्वांस लेने में होती कठिनाई को देखते हुए ऑक्सीजन के सहारे रखा गया था। डॉ. एसपी कुजूर ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डायाफ्राम को पूर्ववत सेट करने के लिए ऑपरेशन की तैयारी के लिए अपने अधीनस्थों को कहा। मरीज को आवश्यक उपचार की सुविधा देने और स्वजन की सहमति मिलने पर 16 फरवरी को सर्जरी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर डायाफ्राम को अपनी जगह उपचारित किया। ऑपरेशन में सर्जरी विभाग से डॉ. एसपी कुजूर के साथ डॉ. प्रवीण सिंह, डॉ. शशांक, डॉ. अनिल व एनीस्थीसिया से डॉ. वसीम शामिल रहे।

डायाफ्राम को उपचारित करने में लगे चार घंटे
डॉ. प्रवीण सिंह ने बताया कि घायल मरीज का ऑपरेशन करने में लगभग चार घंटे लगे। मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे रेफर करना जोखिम से भरा था। विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी कुजूर ने मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति व अस्पताल अधीक्षक डॉ. एमएस आर्या के संज्ञान में मरीज की स्थिति को लाया था। इसके बाद डॉ. कुजूर के मार्गदर्शन में ऑपरेशन की तैयारी की गई। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती रखा गया है। घर में पहुंचने के बाद किसी प्रकार के दिक्कत की स्थिति न बने, इसे देखते हुए कुछ दिन निगरानी में रखने के बाद उसकी छुट्टी कर दी जाएगी।      

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