अमेरा प्रबंधन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन सीमांकन करवाया, 10 जेल दाखिल

अंबिकापुर/लखनपुर। एसईसीएल अमेरा खदान के लिए कोयला निकालने हेतु भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रबंधन ने पुलिस बल के मौजूदगी में परसोढ़ी कला के सीमा से ग्रामीणों को खदेड़ दिया। बुधवार की रात पुलिस बल के मौजूदगी में एसईसीएल अमेरा के द्वारा भूमि अधिग्रहण, सीमांकन कर मिट्टी खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। खदान के मार्ग पर 14 ऐसे बड़े वाहन मिले, जिनसे पुलिस बल को खदान तक लाया गया है। इन गाडिय़ों में बस और बड़े मेटाडोर शामिल हैं। प्रत्येक की सिटिंग कैपिसिटी अगर 30 मानी जाए तो 400 से अधिक सुरक्षा बल तैनात हंै।

अमेरा खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के मध्य हुए संघर्ष के उपरांत पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर गुरूवार को जिला कांग्रेस कमेटी का दल कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में प्रभावित गांव परसोढ़ीकला पहुंचा और ग्रामीणों से मुलाकात करके वस्तुस्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि ग्राम परसोढीकला की जमीन का अधिग्रहण कोल बेयरिंग एक्ट अंतर्गत ग्रामीणों की सहमति के बगैर कर लिया गया है। 15 ग्रामीणों को छोडक़र किसी भी व्यक्ति ने मुआवजा की राशि प्राप्त नहीं किया है। मुआवजा राशि का निर्धारण 2016 की कीमतों पर हुआ है, जिससे वे असंतुष्ट थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन के बदले नौकरी का आश्वासन दिया गया था, किंतु इस दिशा में भी एसईसीएल ने कोई प्रयास नहीं किया। बुधवार को हुए संघर्ष के बाद गांव के करीब 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसमें 7 महिलाएं हैं, इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि जो लोग संघर्ष में शामिल नहीं थे उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस के जांच दल ने पाया कि जमीन के जिस हिस्से से उत्खनन किया जाना है, उसके चारो ओर चौड़ी नाली खोदकर उसे सीमांकित कर लिया गया है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से कांग्रेस जांच दल को जानकारी मिली कि भविष्य में अमेरा कोयला खदान का विस्तार पूरे परसोढ़ीकलां गांव में होना है, जिससे लोगों के जमीन के साथ ही ग्रामीणों के विस्थापित होने का खतरा बना हुआ है। जांच दल के साथ विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा, अमित सिंह, मो. इस्लाम, रामविनय सिंह, अनूप मेहता, गुरुप्रीत सिद्धू, जमील खान, लोकेश कुमार, विकल झा, प्रकाश सिंहदेव, सौरभ फिलिप, अविनाश कुमार, अमित सिंह देव, विरेन्द्र सिंहदेव भी मौजूद थे।

महतारी वंदन, फ्री राशन बंद कर दें, घरों को न उजाड़ेें
जमीन के जबरिया अधिग्रहण से नाराज ग्रामीणों में प्रशासन के रवैये को लेकर बेहद निराशा है। ग्राम परसोढ़ीकला पंचायत भवन के समीप कांग्रेस जांच दल से बात करते हुए महिलाएं रो रही थीं। वे बार-बार यह निवेदन कर रही थी कि सरकार को संदेश दें कि वो भले ही फ्री राशन बंद कर दे, महतारी वंदन का 1000 रुपये देना बंद कर दे, लेकिन उनकी जमीन और घर को न उजाड़े।  ग्रामीणों से चर्चा के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस अधिग्रहण के विरुद्ध पूरे गांव की एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस मामले को न्यायालय में ले जाने का आश्वासन दिया है।

कंपनी के लठैतों जैसा व्यवहार न करें
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे आक्रोशित होकर हिंसक कारवाई न करें। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के दौरान आग्रह किया कि प्रशासन आमजन की सेवा के लिए है, इनसे कंपनियों के लठैतों की तरह बर्ताव नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता बरतने के साथ ही गिरफ्तार ग्रामीणों को रिहा करने का भी अनुरोध किया।

खनन के नाम पर हो रही ज्यादती
जांच दल में शामिल पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने सरगुजा में खनन के नाम पर हो रहे विनाश पर चिंता जताई। उन्होंने कहा जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है तबसे अमेरा, हसदेव और मैनपाट में खनन के नाम पर स्थानीय निवासियों के साथ ज्यादतियां की जा रही है। ऐसा लगता है कि सरकार का लक्ष्य आमजन का हित न होकर पंूजी लाभ हो गया है।

150 ग्रामीणों के विरूद्ध एफआईआर
अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए पत्थरबाजी के बाद स्कूली छात्र दिनेश पिता स्व सोमर साय, पांडु राम पिता बोरतोल यादव, बुद्धेश्वर दास पिता अमर दास, नन्ही बाई पति देवकरण, रामपति, सभापति राजवाड़े पति दिगंबर राजवाड़े, सरिता राजवाड़े पति महेंद्र राजवाड़े, भुवनेश्वरी, मानिकपुरी महंत, नान राजवाड़े पति राम साईं राजवाड़े के खिलाफ धारा 170, 126, 135 (3) बीएनएसएस की धारा के तहत जेल दाखिल किया गया, वहीं 150 महिला-पुरुष ग्रामीणों के विरूद्ध धारा 126, 191 (2), 191(3), 190, 296, 221, 132, 121, 109 बीएनएस धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है।

झूठा एफआईआर दर्ज करने का आरोप
महेंद्र राजवाड़े, सुनील राजवाड़े ने पुलिस पर झूठा एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाया है। इन ग्रामीणों का कहना है कि 3 दिसंबर, बुधवार को महेंद्र राजवाड़े सुनील राजवाड़े सहित अन्य ग्रामीण पुलिस अनुभागीय कार्यालय में बयान के लिए गए थे। 3 दिसंबर, बुधवार को हुई घटना में वे शामिल नहीं थे, बावजूद इसके पुलिस के द्वारा उनके खिलाफ झूठा एफआईआर दर्ज कर दिया गया है।

सरकार जिनकी प्रतिनिधि है, उन पर बरस रही लाठियां-सिंहदेव

इस मामले को लेकर ट्विट करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि सरकार जिनकी प्रतिनिधि है वो उन्हीं पर लाठियां बरसा रही है। ग्राम परसोढ़ीकला में गुजरात की एक निजी कंपनी से सरकारी कंपनी के खदान का उत्खनन कराया जा रहा है, और विरोध करने वाले ग्रामीणों पर पुलिस लाठी चार्ज कर रही है। यही गुजरात मॉडल है, जिसे वाराणसी और अयोध्या में भी दिख रहा है।  उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के रोजगार और संसाधनों पर बाहर की कंपनियों और लोगों का कब्जा कराया जा रहा है और स्थानीय समुदाय की अनदेखी कर दी गई है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा है कि सरकार का काम जनता की रक्षा करना है, उन पर लाठियां चलाना नहीं। छत्तीसगढ़ के लोगों के हक, जमीन और भविष्य का इस तरह दमन नहीं किया जा सकता।

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