सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा एवं नशा मुक्ति जागरूकता को लेकर विवि स्तरीय कार्यशाला
अंबिकापुर। संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा के राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा एवं नशा मुक्ति पर आधारित विश्वविद्यालय स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय में कुलपति प्रो. पी.पी. सिंह, राज्य रा.से.यो. अधिकारी डॉ. नीता वाजपेयी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो एवं रा.से.यो. समन्वयक डॉ. एस. एन. पाण्डेय के मुख्यातिथ्य में किया गया।
कार्यशाला के प्रथम दिवस रासेयो समन्वयक डॉ. एस. एन. पाण्डेय ने कार्यशाला के महत्व को बताते हुए स्वयंसेवकों से कहा कि आप राष्ट्र के धरोहर के रूप में वह पूंजी हैं, जिससे राष्ट्र का नव निर्माण होना है, आप युवा हो और आपको राष्ट्र के बदलते स्वरूप में अपनी अहम भूमिका निभानी है, नशा मुक्त भारत का सपना साकार करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. पी. पी. सिंह ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए यातायात नियमों का सदैव पालन करने और दूसरों को प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा बेहतर समाज के लिए स्वयं बेहतर होना बहुत जरूरी है। विश्वास जीत की पहली सीढ़ी है, इसलिए अपने आप पर विश्वास करो। आपको कई लोग एक मॉडल के रूप में देख रहे हैं, यदि इस सोच के साथ आप राष्ट्र निर्माण में लग जाएं तो राष्ट्र का विकास एवं स्वस्थ व सुरक्षित समाज का विकास निश्चित है। राज्य रा.से.यो. अधिकारी डॉ. नीता वाजपेयी ने कहा कि सुरक्षा नियमों के पालन से आप, आपका परिवार, आपका कुल एवं आपका समाज सुरक्षित रहता है। सड़क सुरक्षा- जीवन रक्षा पर विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का समाज सुधार, अनुशासन, राष्ट्रीय भावना को जगाने व सुरक्षा में अहम योगदान है। आपको इसी तरह प्रयास करते हुए एक नशामुक्त सभ्य समाज का निर्माण करना है। इसी कड़ी में यातायात नियमों का पालन व उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंचासीन यातायात विभाग के अभय कुमार तिवारी ने कहा कि रासेयो के युवा राष्ट्र के रक्षा इकाई की तीसरी पंक्ति हंै, दुर्घटनाओं से बचने के लिए स्वयं की सुरक्षा आवश्यक है, इसलिए आप यातायात नियमों को पालन स्वयं करें, दूसरे से भी कराएं। अंत में सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन स्मृति चिन्ह भेंट करके किया। कार्यशाला में कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त, देवेंद्र दास सोनवानी, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, राकेश राय, सुनीता दास एवं विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों से आए स्वयसेवकों के साथ अन्य उपस्थित रहे।

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