कोरवा परिवार की महिलाओं ने कहा-दो माह से चावल खत्म हो गया कहकर लौटा रहा संचालक

 

अंबिकापुर। पहाड़ी कोरवा  महिलाओं ने शहर से लगे ग्राम कांतिप्रकाशपुर के शासकीय राशन दुकान से गांव के सरपंच द्वारा चावल नहीं देने की शिकायत मंगलवार को कलेक्टर से जनदर्शन में की है। पहाड़ी कोरवा महिलाओं ने कहा कि वे कांतिप्रकाशपुर कोरवापारा की रहने वाली हैं। गांव के सरपंच राजेश एक्का हैं, उनके द्वारा नियुक्त व्यक्तियों द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन किया जा रहा है। उन्हें विगत दो माह से राशन वितरण नहीं किया जा रहा है। राशन नहीं मिलने से उनके सामने भोजन की समस्या आड़े आ रही है। आरोप है कि बीते चार जुलाई को लुचकी तुरियापारा की प्रमिला को सरपंच ने सोसायटी से 12 बोरा चावल दे दिया। अन्य व्यक्तियों को चावल खत्म हो गया कहकर वापस भेज दिया गया। भारी संख्या में जनदर्शन में पहुंची कोरवा महिलाओं ने कांतिप्रकाशपुर के सरपंच के विरुद्ध कार्रवाई व दो माह का राशन दिलाने की मांग की है। कलेक्टोरेट पहुंची कोरवा परिवार की महिलाओं ने कहा आखिर उनका राशन कौन खा रहा है। ऐसे में सरकार के द्वारा पीडीएस की व्यवस्था को दुरूस्त करने की गई पहल कितना प्रभावकारी है, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्तमान में सोसायटियों में हितग्राहियों का सत्यापन आधार कार्ड के आधार पर किया जा रहा है। राशन कार्ड में उल्लेखित नाम के हर हितग्राही को सत्यापन के लिए अनिवार्य रूप से सोसायटियों में बुलाया जा रहा है। इस दौरान कई हितग्राही जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, उनके उंगली का निशान मशीन में एक्सेप्ट नहीं करने से ऐसे हितग्राहियों का नाम राशनकार्ड से कटने की चिंता बनी हुई है। सोसायटी संचालकों का कहना है कि सत्यापन के लिए उन्हें प्रत्येक हितग्राही, चाहे वे बच्चे ही क्यों ना हों, उनका सत्यापन करना जरूरी है। हालांकि शासन का मापदंड इसके माध्यम से ऐसे हितग्राहियों का सत्यापन करना है, जो भौतिक रूप से उपस्थित हैं। कई बार मृतकों के नाम पर राशन उठाव जैसी बातें भी सामने आती हैं। इन सबके बीच कोरवापारा के हितग्राहियों को दो माह से राशन नहीं मिल पाना सवालों के घेरे में है।

Categorized in: