महाविद्यालय में सिर्फ प्रथम वर्ष के शिक्षा की सुविधा, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में भटकना पड़ेगा छात्रों को
आजाद सेवा संघ ने कलेक्टर का कराया ध्यानाकर्षण, अपर संचालक से छात्रहित में उचित पहल की मांग

अंबिकापुर। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कई आयाम गढ़े गए। इसका परिणाम कितना सुखद रहा, यह सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए इसी साल से खोले गए नवीन शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दी गई सुविधाओं से लगाया जा सकता है। इस स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भवन की कमी के कारण केवल प्रथम वर्ष की पढ़ाई हो रही है। यहां सभी संकाय के छात्र हैं, लेकिन केवल चार कक्ष विद्याअर्जन के लिए हैं। यहां लगभग 200 छात्र अध्ययन करते हैं। विडंबना यह भी है कि कॉलेज के विद्यार्थियों के बैठने के लिए डेस्क, बेंच तक की सुविधा नहीं है, वे आज भी जमीन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। जिन कक्षों में बेंच हैं, उनकी हालत ठीक नहीं है। वर्तमान में पहली-दूसरी के बच्चों को स्कूल में डेस्क-बेंच की सुविधा मिल रही है, लेकिन महाविद्यालय में छात्रों की दुर्गति हो रही है।
बता दें सत्र 2023-24 में महाविद्यालयीन परीक्षाएं मार्च-अप्रैल माह में आयोजित की जाएंगी। इस महाविद्यालय को भी परीक्षा केंद्र में शामिल किया जाएगा। अव्यवस्थित भवन व कक्ष की कमी की वजह से शायद ही यहां छात्र परीक्षा दे पाएं। ऐसे में इन्हें अपने गृहक्षेत्र के महाविद्यालय को छोड़कर सीतापुर में परीक्षा देने के लिए जाना पड़ सकता है, जिसकी दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। ऐसे में छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। परीक्षा देने के पश्चात छात्र उतीर्ण हुए तो द्वितीय वर्ष में वे कहां शिक्षा लेंगे, इसकी चिंता बनी रहेगी। ऐसे में महाविद्यालय के भवन व कक्ष की कमी को दूर कर पाना एक तरह से चुनौती है। इसके लिए तत्कालीन पहल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। छात्रहित में बेहतर बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि इन्हें पढ़ाई व परीक्षा देने में असुविधा का सामना न करना पड़े।
शौचालय, पेयजल व खेल मैदान की कमी भी बरकरार
महाविद्यालय में छात्र-छात्राएं दोनों अध्ययन करते हैं लेकिन स्वच्छ भारत मिशन की बेहतरी के लिए जी तोड़ प्रयास करने में लगे अधिकारियों के जिले में दिया तले अंधेरा की स्थिति बनी हुई है। यहां के शौचालय की व्यवस्था पूरी तरह लचर है। शौचालय के साथ ही पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी का सामना विद्यार्थियों को करना पड़ रहा है। पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। महाविद्यालय का मैदान पूरी तरीके से तैयार नहीं हुआ है, ऐसे में खेलकूद जैसी गतिविधियों से वे महरूम हैं।
आजाद सेवा संघ ने कलेक्टर व अपर संचालक का कराया ध्यानाकर्षण

गैर राजनीतिक दल आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा व छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर धौरपुर के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थिति की ओर ध्यानाकर्षण कराया है। मांग की गई है यहां के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी ज्यादा न हो, इसका ध्यान रखा जाए, जिससे छात्रों को अधिक दूरी तय न करना पड़े। जल्द से जल्द भवन की कमियों को दूर कर दुरुस्त करने और यहां का वातावरण पूरी तरह से छात्रों के अनुकूल बनाने का आग्रह किया गया है। पेयजल, शौचालय, मैदान सहित मूलभूत आवश्यकताओं के पूर्ति की मांग की गई है, जिससे छात्र बिना परेशानी के अध्ययन कर पढ़ाई पूर्ण कर सकें। संघ ने अपर संचालक शिक्षा को भी गंभीर मामले से अवगत कराया है। इस दौरान संघ के जिला महासचिव हर्ष सोनी, संजय बड़ा, दिलीप दास महंत, सत्य प्रकाश दास महंत, मनीष सिंह, अजय टेकाम, साहिल टोप्पो के अलावा धौरपुर महाविद्यालय के छात्र उपस्थित रहे।

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