कलेक्टर ने भूमि को पूर्ववत शासकीय मद में दर्ज करने आदेश पारित किया
जांच में सामने आया-नजूल अधिकारी ने पट्टे की वैधता जांचे बिना भूमि को बंसू के नाम दर्ज किया, सभी अंतरण अकृत एवं शून्य घोषित

अंबिकापुर। कलेक्टर न्यायालय ने शहर के राजमोहनी देवी भवन के पीछे, नमनाकला में स्थित गोचर मद की रकबा 1.710 हेक्टेयर भूमि को बंसू लोहार के नाम पर दर्ज करने के मामले में बड़ा फैसला किया है। उन्होंने सभी रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करते हुए जमीन पुन: गोचर मद में दर्ज करने और वापस शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश नजूल अधिकारी को दिया है। गुरुवार को मामले की उन्होंने ऑनलाइन सुनवाई की और समस्त अंतरण को अकृत एवं शून्य घोषित कर दिया। इस फैसले के पूर्व कलेक्टर न्यायालय में बंसू लोहार की लगातार अनुपस्थिति बनी रही।

उल्लेखनीय है कि शहर के बेशकीमती जमीन घोटाला के मामले में तहसीलदार नजूल अंबिकापुर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकापुर द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि नमनाकला अंबिकापुर स्थित शासकीय नजूल भू-खण्ड क्रमांक 243/1 रकबा 1.710 हे. (4.22 एकड़) भूमि, जो सरगुजा सेटलमेंट में गोचर मद की है, इस भूमि को बंसु आत्मज भटकुल द्वारा अनियमित पट्टा एवं विधिक प्रावधानों के विपरीत नजूल अधिकारी अंबिकापुर के राजस्व प्रकरण पक्षकार ‘बंसु प्रति शासनÓ में पारित आदेश दिनांक 07 अक्टूबर 2022 के द्वारा अपने नाम पर कराते हुए उक्त शासकीय नजूल भूमि में से कई व्यक्तियों अनावेदकगण सतीश शर्मा, संमोगर वारियर, अभिषेक नागदेव, शेखर अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, अनुषा नागदेव, महेश कुमार केडिया, दिनेश कुमार को विक्रय कर दिया गया है, जिससे शासन को शासकीय भूमि की क्षति हुई है। उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण को छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण में ग्राह्य कर सुनवाई किया गया। विधिवत अनावेदकगण को नोटिस जारी कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर दिया गया। प्रकरण के जांच में पाया गया कि अनावेदक बंसु द्वारा आवेदित भूमि का पट्टा विधि के सम्यक अनुक्रम के विपरीत अभिलेखों से परे कूट-रचित तैयार कर इसका पट्टा प्राप्त किया गया। आवेदित भूमि को अपने नाम से राजस्व रिकार्ड दुरुस्त करने का आवेदन नजूल अधिकारी अंबिकापुर के समक्ष प्रस्तुत किया। नजूल अधिकारी अंबिकापुर ने पट्टे की वैधता की जांच किए बगैर विधि विपरीत आदेश 07 अक्टूबर 2022 के द्वारा उक्त आवेदित शासकीय नजूल मद की भूमि को बंसु आत्मज भटकुल के नाम से दर्ज कर दिया गया। इसके आधार पर नजूल अधिकारी अंबिकापुर के राजस्व प्रकरण पक्षकार ‘बंसु प्रति शासनÓ में पारित आदेश 07 अक्टूबर 2022 संहिता एवं प्रावधानों के विपरीत होने के कारण इसे 28 मार्च 2024 को निरस्त करते हुए आवेदित भूमि मो. नमनाकला तहसील अंबिकापुर स्थित वाद भूमि खसरा क्रमांक 243/1 में से रकबा 1.710 हेक्टेयर भूमि को पूर्ववत शासकीय नजूल मद में दर्ज करने का आदेश पारित किया गया। उक्त शासकीय नजूल वाद भूमि को स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, न्यायालय, पुलिस विभाग, नगर पालिक निगम हेतु सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही बंसु आत्मज भटकुल द्वारा सेटलमेंट में दर्ज गोचर मद की आवेदित भूमि का पट्टा विधि अनुकूल नहीं होने से अनावेदक बंसु द्वारा उक्त भूमि में से उपरोक्त अनावेदकों को, जो भूमि पंजीबद्ध विक्रय पत्र के आधार पर विधि विपरीत विक्रय किया गया है, उसके समस्त अंतरण को अकृत एवं शून्य घोषित कर दिया गया है।

इनके विरूद्ध पुलिस दर्ज की है केस, इधर कलेक्टर ने किया निलंबन  
बता दें कि शहर में स्थित बेशकीमती शासकीय जमीन को गलत तरीके से बंसू आत्मज भटकुल के नाम से दर्ज कराने में शामिल पाए गए तत्कालीन नजूल अधिकारी नीलम टोप्पो, तत्कालीन नजूल कार्यालय के रीडर अजय तिवारी, आरआई नारायण सिंह व राहुल सिंह के विरूद्ध पुलिस ने धारा 420 सहित अन्य धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से सभी फरार बताए जा रहे हैं। इधर कलेक्टर ने शासकीय कर्तव्य से बिना सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहने पर राजस्व निरीक्षक (नजूल) नारायण सिंह, अंबिकापुर तहसील कार्यालय के राजस्व निरीक्षक राहुल कुमार सिंह, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय धौरपुर के सहायक ग्रेड-02 अजय तिवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के निहित प्रावधानों के तहत निलंबित कर दिया है। वर्तमान में लोकसभा निर्वाचन के मद्देनजर जिले में आदर्श आचार संहिता लागू है। आदर्श आचार संहिता के लागू होने से लोक सेवकों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में उक्त अधिकारी-कर्मचारी का बिना सूचना अनुपस्थित रहने को पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उपेक्षा तथा लापरवाही मानते हुए निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता दी गई है।

ऑनलाइन सुनवाई में कलेक्टर का बड़ा फैसला
कलेक्टर विलास भोसकर न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसे देखते हुए हर गुरूवार को मामलों की सुनवाई ऑनलाइन कर रहे हैं। कलेक्टर न्यायालय में चल रही कार्रवाई का प्रसारण ऐसे लोग भी देख सकते हैं, जो किसी कारणवश पेशी तिथि में उपस्थिति नहीं हो पाते हैं। इसी क्रम में बीते 14 व 21 मार्च को हुई सुनवाई में बंसू पिता भटकुल उपस्थित नहीं हुआ। 28 मार्च को भी उसकी अनुपस्थिति बनी रही। ऐसे में कलेक्टर ने 19 पृष्ठीय आदेश जारी करके नमनाकला में स्थित भूमि 243/1, रकबा 1.710 हेक्टेयर को पूर्ववत शासकीय नजूल मद में दर्ज करने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने नजूल अधिकारी को रिकार्ड दुरूस्त कर प्रतिवेदन भेजने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा बंसू द्वारा अनावेदक सतीश शर्मा, सन्मोगर वारियर, अभिषेक नागदेव, शेखर अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, अनुषा नागदेव, महेश कुमार केडिया और दिनेश कुमार को बिक्री की गई शासकीय भूमि भी निरस्त की जाती है। यह आदेश खुली न्यायालय से जारी किया जाता है।

अब परसापाली में शासकीय भूमि पर सड़क व पुलिया निर्माण पर कार्रवाई का इंतजार

कलेक्टर के द्वारा एक समय-सीमा में लिया गया यह फैसला भू-माफियाओं को हलाकान करने वाला है। अब लोगों को परसापाली में स्थित सकीय भूमि पर बिना अनुमति किए गए पुलिया व सड़क निर्माण पर कार्रवाई का इंतजार है। इसका निर्माण ग्रामीण क्षेत्र की कई एकड़ भूमि को अंबिकापुर शहर सीमा से मिलाने की नीयत से किया गया है, ताकि अच्छा मुनाफा कमाया जा सके। इस पुल निर्माण से आसपास रहने वाले लोगों को किसी प्रकार का फायदा हो, ऐसा भी देखने को नहीं मिल रहा है। ऊबड़-खाबड़ जमीन का समतलीकरण कराने के बाद इस भूमि का भाव बढ़ाने के लिए शासकीय भूमि को काटकर सड़क व पुल निर्माण कर दिया गया, लेकिन किसी जिम्मेदार की अभी तक नजर नहीं पड़ी है, जबकि मीडिया की सुर्खियों में यह मामला आ चुका है। नगर निगम में महापौर कौंसिल की बैठक में भी इस ओर एमआइसी सदस्यों और निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में इस ओर ध्यानाकर्षण कराया गया था, तत्समय अधिकारियों ने अगले दिन ही मौका निरीक्षण करने का गाल बजाया, बाद में वे भी चुप्पी साधे बैठे हैं। यही स्थिति रही तो यहां भी आसपास की शासकीय भूमि आने वाले दिनों में जमीन के कारोबार में लगे लोगों की भेंट चढ़ जाएगी।  

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