कांट्रैक्ट किलिंग सहित कई संगीन वारदातों में शामिल आरोपी पूर्व में जा चुका है जेल

25 से अधिक घटनाओं को कार में घूम-घूमकर दे चुका है अंजाम

पुलिस ने आरोपी को फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले को बगीचा से गिरफ्तार किया

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। एटीएम की अदला-बदली कर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय आरोपियों को पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देशन में ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत छतरपुर से गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपी को 200 किलोमीटर पीछा करके हिरासत में लिया। 25 से अधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले ठग की नजर एटीएम बूथ पर रहती थी। आरोपी के हाथ लगने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों की अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगेगा। साइबर सेल व विभिन्न थानों की संयुक्त पुलिस टीम का कार्रवाई में विशेष योगदान रहा। आरोपी रांची से अंबिकापुर आने के बाद चार पहिया वाहन में घूमते और एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, मोटरसाइकिल, 4 नग मोबाइल, एक जियो वाईफाई एवं 32 नग एटीएम कार्ड बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आदतन शातिर अपराधी है, इसके विरुद्ध दिल्ली में सुपारी किलिंग के मामले दर्ज हैं। छह साल जेल में रहने के बाद पेरोल में बाहर आने के बाद आरोपी जेल से  फरार चल रहा था। वर्ष 2012 में आरोपी अपने घर में नक्सली को शरण देने के अपराध में रांची जेल से चार माह की सजा काट चुका है। एक अन्य आरोपी को फर्जी मोबाइल सिम मुख्य आरोपी को प्रदान कराने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा मामले में संयुक्त पुलिस टीम की बेहतर कार्रवाई पर पांच हजार रुपये नगद ईनाम एवं प्रशस्तिी पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की है।

शातिर ने इनके एटीएम को बदलकर लगाई चपत
मिशन चौक अंबिकापुर निवासी प्रेमाकांत बघेल ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना दिनांक 24 नवंबर 2022 को वह अपने खाते से पैसा निकालने के लिए स्टेट बैंक एटीएम चोपड़ापारा गया था, इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रार्थी का एटीएम बदलकर 80 हजार रुपये नगद आहरण कर लिया है। दूसरे मामले में प्रार्थी मुनेश्वरी बाई निवासी पोकसरी द्वारा बतौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि घटना दिनांक 25 फरवरी 2023 को वह स्टेट बैंक बतौली के एटीएम में अपने खाते से पैसा आहरण करने गई थी, इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति उसके  एटीएम को बदलकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 65 हजार नगदी आहरण कर लिया। दो अन्य मामले में प्रार्थिया कीर्ति टोप्पो निवासी तारा प्रेमनगर ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि घटना तिथि 19 अगस्त 2022 को 30 हजार 500 रुपये एटीएम बदलकर नगद आहरण कर लिया गया है। वहीं घटना दिनांक 27 फरवरी 2023 को प्रार्थिया किरण तिर्की निवासी नमनाकला के द्वारा एटीएम को बदलकर 10 हजार रुपये नगद खाते से आहरण करने की जानकारी देने पर थाना कोतवाली, मणिपुर, बतौली में धारा 420, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

सहायता के नाम पर बदल लेते थे एटीएम
संयुक्त पुलिस टीम ने सभी घटनाओं का सूक्ष्मता से अध्ययन कर प्राप्त किए गए सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया और साइबर सेल से आवश्यक तकनीकी जानकारी एकत्र की। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त पुलिस टीम रांची झारखंड रवाना हुई थी। ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत संयुक्त पुलिस टीम द्वारा एटीएम अदला-बदली करने के मामले में शातिर आरोपी मुकेश कुमार सोनी साकिन धुर्वा रांची झारखंड के ठिकानों पर दबिश दी, तो वह ट्रक मेें लिफ्ट लेकर बिहार की ओर भागने लगा। संयुक्त पुलिस टीम सतर्कता बरतते हुए आरोपी के भागने के लोकेशन को संज्ञान में लेकर लगभग 200 किलोमीटर पीछा करते हुए घेराबंदी की और छतरपुर झारखंड में आरोपी को पकडऩे में सफलता प्राप्त की। पूछताछ करने पर आरोपी ने एक अन्य साथी के साथ रांची से कार से अंबिकापुर आने और एटीएम बूथों में जाकर भोले-भाले नागरिकों की सहायता करने के नाम पर एटीएम की अदला-बदली व ठगी के मामले में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार, 01 मोटरसाइकिल, 32 नग एटीएम कार्ड, 4 नग मोबाइल, एक जियो वाईफाई आरोपी के निशानदेही पर बरामद किया गया है।
सिम उपलब्ध कराने वाला बगीचा से गिरफ्तार
पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी काफी शातिर एवं आदतन बदमाश किस्म का है। दिल्ली के एक कारोबारी के कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के मामले में दिल्ली के जेल में छह साल तक वह निरुद्ध रहा। पेरोल मिलने के बाद वह फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस ने उक्त शातिर आरोपी पर 10 हजार रुपये का नगद ईनाम रखा था। फरार होने के बाद आरोपी लगातार ठगी की घटना को अंजाम दे रहा था, जिसे पकडऩे में सरगुजा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वर्ष 2012 में शातिर बदमाश अपने घर में नक्सली को शरण देने के अपराध में रांची जेल से चार माह की सजा काट चुका है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मुकेश सोनी को फर्जी सिम प्रदान करने के आरोप में सुनील दास निवासी बगीचा जशपुर को भी गिरफ्तार किया है।
रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम
आरोपियों के द्वारा दिन में घूम-घूम कर गार्ड रहित एटीएम बूथों को चिन्हित किया जाता था। वे यह भी देखते थे कि किस समय कम लोग एटीएम में प्रवेश करते हैं, उसी समय को टारगेट करते हुए एटीएम बूथ में घुसकर वहां एटीएम से पैसा आहरित कर रहे व्यक्तियों को झांसे में लेते और रुपये आहरण करने में सहयोग देने के बहाने उन्हें प्रभावित कर लेते, इसके बाद बड़ी सफाई से एटीएम कार्ड को बदल लेते थे। आरोपी एटीएम कार्डधारक का ध्यान भटका कर उनके गुप्त पिन नंबर को हासिल कर लेते थे, उसके बदले उसी रंग का किसी अन्य बैंक का एटीएम उन्हें पकड़ा देते। इसके बाद दूरदराज के एटीएम में जाकर नगद राशि संबंधित एटीएम कार्ड धारक के खाते से आहरित कर लिया करते थे

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