*चंचलेश श्रीवास्तव*

सूरजपुर। शहर के बाजार में इन दिनों बड़े पैमाने पर नकली नोट चलन में है। जिससे व्यवसाइयों को चुना लग रहा है और इसके ज्यादा शिकार बड़े ऐसे व्यवसायी हो रहे है जिनके पास शहर के अलावा बड़े पैमाने पर ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक भी है। जिनको नोट की गड्डियों के बीच मे डालकर 5 सौ, दो सौ व सौ के नकली नोट थमा दिए जा रहे है। यही नही जाने अनजाने में आम आदमी की जेब तक ये नकली नोट पहुंच रहे है और लोग भी अज्ञानता वश उक्त नकली नोटों को अपनी जरूरत की सामग्री खरीदते हुए किसी ना किसी को थमा दे रहे है। कलर प्रिंट से निकाले गए पांच सौ, दो सौ व सौ के नोट यू तो हूबहू असली नोट की शक्ल के दिख रहे है मगर जिन कागजो का इस्तेमाल जालसाजों के द्वारा इन जाली नोटों की छपाई में किया जा रहा है उससे इसकी गुणवत्ता की पहचान की जा सकती है मगर इन दिनों शादी व्याह का सीजन है और शहर में बड़े पैमाने पर लोग जरूरत के हिसाब से अपनी अपनी खरीददारी में व्यस्त है और छोटे बड़े सभी दुकानों में इन दिनों बढ़ी भीड़ के चक्कर मे दुकानदार भी इतने व्यस्त है कि वे ग्राहकों को समान देकर विदा करने की जल्दबाजी में रहते है। इसी का फायदा उठा कर जालसाज शहर के हो या गांव के दुकानों में जाली नोट आसानी से खपा कर लोगो को चुना लगा रहे है और जब व्यवसायी के माध्यम से नोट बैंको तक पहुंच रहा है तब उन्हें पता चल पा रहा है कि जिन नोटो की गड्डियों को वे बैंक में जमा करने पहुंचे है उनमें कुछ नोट जाली भी है। जाली नोट की जानकारी लगने पर व्यवसायी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। मगर दुकानों में बढ़ी भीड़ में इस बात का अंदाजा नहीं लगा पा रहे है कि उनके साथ कौन जालसाजी कर गया। कलर प्रिंट का उपयोग कर निकाला गया जाली नोट की पहचान उसके कागज की क्वालिटी देखकर की जा सकती है जो देखने मे तो बिल्कुल असली नोट की तरह है परंतु कागज की क्वालिटी से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रतिदिन की भांति सोमवार को भी शहर के एक व्यवसायी बैंक में रुपये जमा करने पहुंचे थे। जहाँ नोटो के गड्डियों की गिनती के दौरान बैंक प्रबंधन ने गड्डियों में दो सौ के एक और सौ के दो नोटो के जाली होने की जानकारी दी तो व्यवसायी हक्का बक्का रह गए। व्यवसायियों का कहना है कि वे विश्वास पर व्यवसाय करते है। कई ग्राहक है जो रोज का लेनदेन करते है इनमे से कौन जाली नोट थमा गया इस बात का अंदाजा लगा पाना तो मुश्किल है। परंतु अब रुपये लेने से पहले नोटो की अच्छे से तस्दीक कर लेंगे ताकि जाली नोट से बच सके। इधर इस बात की भी जानकारी आवश्यक है कि बाजार में जाली नोट खपाने में कौन सा गिरोह सक्रिय है यह स्थानीय स्तर पर चल रहा है या फिर जाली नोट के लिए पूरा गिरोह सक्रिय है जो भीड़ का फायदा उठा कर अपने काम को बखूबी अंजाम देकर लोगो को चुना लगा रहा है। इस रैकेट को पकड़ने के लिए पुलिस की सक्रियता भी आवश्यक है।

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