बिश्रामपुर। कोयलांचल समेत आसपास इलाके में लोक आस्था का महापर्व छठ आज भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु आज संध्या काल में डूबते सूर्य को अर्घ्य दिए। नहाए-खाए और खरना की रस्म के बाद तीसरे दिन की यह पूजा विधि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है, जिसे छठ व्रत का सबसे कठिन और पुण्यदायी कार्य माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस संध्या अर्घ्य से संतान की रक्षा, संतान प्राप्ति और परिवार की सुख-समृद्धि का वरदान मिलता है।
नगर के गायत्री मंदिर प्रांगण स्थित छठ घाट समेत गोरखनाथपुर रेण नदी, बिश्रामपुर-भटगांव मुख्य मार्ग पर स्थित पासंग नाला, कुमदा तुर्रा नाला, सिलफिली पासंग नाला, तेलईकछार केनापारा नाला, क्वारी के अलावा अन्य छठ घाटों पर निर्धारित समय पर व्रती जल में उतरकर अर्घ्य प्रदान कर सूर्यदेव से अपने परिवार और संतान की सुख-समृद्धि की कामना किए। व्रती जल द्वारा खड़े होकर डूबते सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य दिया गया। छठ महापर्व के चौथे दिन कल 8 नवंबर शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस व्रत का समापन किया जाएगा। सूर्य षष्ठी छठ महापर्व को लेकर क्षेत्र में भक्तिभाव का माहौल बना रहा। दोपहर से ही भक्तों का छठ घाट पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। व्रत करने वाले ढोल नगाड़ों व बाजे गाजे के साथ छठ घाटों में पहुंचकर विधिवत पूजा अर्चना कर अर्घ्य दिए। सभी छठ घाटों पर व्यापक स्तर से तैयारियां की गई थीं और घाटों पर छठ गीत की धुन गुंज रही थी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था।
प्रेमनगर विधायक भी पहुंचे छठ घाट
सूर्य षष्ठी छठ महापर्व पर गुरुवार को प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी भी गायत्री मंदिर प्रांगण स्थित छठ घाट पहुंचे। यहां पर उन्होंने सभी को छठ महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रसाद अर्पित किए। प्रेमनगर विधायक ने सभी व्रती के पहुंचकर पूजा अर्चना की। प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह गायत्री मंदिर प्रांगण स्थित छठ घाट के अलावा अन्य छठ घाटों में भी पहुंचकर पूजा अर्चना कर सभी सुख समृद्धि की कामना की।

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