बिश्रामपुर। करीब ग्यारह महीने से बंद पड़ी लटोरी नवापारा खदान का सीटीओ प्रबंधन की उदासीनता की वजह से आज पर्यंत नहीं मिल सकी है। खदान के महीनों से बंद रहने श्रमिकों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के पांचों श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों द्वारा एसईसीएल भटगांव के महाप्रबंधक को ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के नवापारा लटोरी भूमिगत खदान का सीटीओ की अनुमति प्राप्त नहीं होने की वजह से नवापारा भूमिगत खदान पिछले 1 जनवरी 2024 से बंद पड़ा है, जिस कारण नवापारा भूमिगत खदान में कार्यरत लगभग छह सौ विभागीय एवं सौ ठेकेदारी श्रमिक कार्य से प्रभावित हो रहें हैं। जिसमें से प्रायः विभागीय कर्मचारियों का अस्थाई रूप से स्थानांतरण हो चुका है। साथ ही जो श्रमिक स्थानिय हैं जिनका अस्थाई रूप से स्थानांतरण किया गया है कई बार दुर्घटना से बचें हैं। साथ ही दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है और ठेका श्रमिकों को बैठा दिया गया है चूंकि उनके ठेकेदारों का काम बंद कर दिया गया है। साथ ही जनहित के नजरिए से सामाजिक तौर पर दैनिक रोजगार वाले व्यापारी भी प्रभावित हो रहें हैं। नवापारा भूमिगत खदान बंद होने से प्रत्येक लाभार्थी बेहद चिंता से ग्रसित हैं। ऐसी स्थिति में विभागीय प्रयास किया जाना अनिवार्य है। विभागीय प्रयास नहीं किए जाने की स्थिति में सभी श्रम संगठन द्वारा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में एसईसीएल भटगांव क्षेत्र अंतर्गत नवापारा लटोरी भूमिगत खदान के सीटीओ की अनुमति प्राप्त करने हेतु विभागीय प्रयास कराए जाने की मांग की गई है।

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