कलेक्टर से शिकायत, उठाया सवाल-महज 04 करोड़ में कैसे हो गया नामांतरण..?अंबिकापुर। शासकीय जमीन की हेराफेरी को लेकर अंबिकापुर शहर वर्षों से सुर्खियों में रहा है। यहां के कुछ राजस्व कर्मचारियों व भू-माफियाओं के बीच घालमेल किसी से छिपा नहीं है। इसके पुन: अंबिकापुर शहर के नमनाकला, राजमोहिनी देवी के पीछे बेशकीमती जमीन का फर्जी तरीके से नामांतरण कराने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के संज्ञान में मामले को लाया गया है। बताया गया है कि जिस व्यक्ति के नाम जमीन का नामांतरण किया गया, उसका कब्जा कभी भी उस जमीन पर नहीं था। इधर 60 करोड़ की जमीन महज चार करोड़ रुपये में नामांतरित हो गई। नामांतरण से पहले जमीन पर दूसरे लोगों का निर्माण था। राजस्व अभिलेखों में नाम अंकित होते ही संबंधित व्यक्ति उक्त जमीन को नियम विरुद्ध तरीके से बेचना भी शुरू कर दिया। मामले में नजूल अधिकारी कार्यालय के एक लिपिक व नमनाकला हलका पटवारी की भूमिका संदिग्ध है।

शिकायतकर्ता मनीष सिंह ने कलेक्टर सरगुजा को शिकायत पत्र में राजमोहनी भवन के पास नमनाकला अंबिकापुर में खसरा नंबर 243 की भूमि के परिप्रेक्ष्य में बताया है कि उक्त भूमि पूर्व में 111.40 एकड़ थी, जो कालांतर में शासकीय प्रयोगों के लिए उपयोग में लाई गई। कुछ भूमि पर शासन के द्वारा पट्टा प्रदान किया गया। इसी से संबंधित भूमि पर व्यवहारवाद क्रमांक 41-ए-90 निर्णय दिनांक 23.09.1991 विचाराधीन था, जिसमें निर्णय पारित किया गया है। वर्तमान में उक्त भूमि का प्रकरण उच्च न्यायालय, बिलासपुर में विचाराधीन है। वर्तमान नक्शे में दत्ता कॉलोनी की भूमि खसरा नंबर 243 को भूमि डिग्री, भूमि 233 के भाग में फर्जी तौर से समाहित कर नक्शा तैयार करने का आरोप लगाया गया है, जबकि खसरा नंबर 233 भूमि का प्रकरण विचाराधीन था। इसी दौरान तात्कालीन नजूल अधिकारी, अंबिकापुर के न्यायालय में भू-माफिया द्वारा बंशु पिता भुटकुल निवासी-फुन्दुरडिहारी, अंबिकापुर के माध्यम से एक राजस्व प्रकरण 06.10.2022 का आदेश पारित किया गया कि बंशु आ. भुटकुल के द्वारा नजूल भूमि खसरा नंबर 154, 243/10 रकबा क्रमश: 0.934, 1.710 भूमि का पट्टा तहसीलदार अंबिकापुर द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक 1967-68, आदेश दिनांक 15.04.1968 के माध्यम से मोहल्ला नमनाकला नगर अंबिकापुर में स्थित नजूल भू खंड क्रमांक खसरा नंबर 154, 243/10 रकबा क्रमश: 934, 1.710 का पट्टा प्रदान किया गया है। किंतु राजस्व अभिलेखों में नाम विलोपित हो गया है। इसके आधार पर तत्कालीन नजूल अधिकारी, नजूल अधिकारी के लिपिक व हल्का पटवारी ने मिलकर शासन की 60 करोड़ रुपये की भूमि का 04 करोड़ रुपये में सौदा कर दिया। आरोप है नियम विरूद्ध शासकीय भूमि को बंशु आ. भुटकुल के नाम दर्ज करने का आदेश 06.10.2022 को पारित करवा कर उक्त भूमि को अवैध प्लाटिंग कर 15-15 लाख रुपये प्रति डिसमिल विक्रय किया जा रहा है। बताया गया है कि आदेश में तात्कालीन नजूल अधिकारी ने यह उल्लेखित किया है कि राजस्व प्रकरण क्रमांक 107/अ-19/1967-68 आदेश दिनांक 15.04.1968 के अनुसार अंबिकापुर स्थित भूमि खसरा नंबर 243/10 रकबा 4.25 एकड़ भूमि बंशु आ. भुटकुल लोहार को प्राप्त हुई। खसरा पंचशाला वर्ष 1967-68 से वर्ष 1972-73 के आधार पर वर्ष में 241 के बाद 243/11 के बीच का पन्ना पृष्ठ क्रमांक 89 एवं 90 नहीं पाया गया, इसके अभाव में खसरा कमांक 243/10 के स्वामित्व के संबंध में उल्लेखित नहीं किया जा सका, जो यह प्रमाणित करता है कि उक्त वर्ष के खसरा पंचशाला में उसका नाम दर्ज नहीं है, जिस कारण उक्त खसरा पंचशाला पृष्ठ क्रमांक 89 व 90 को फाड़ कर हटा दिया गया है, ताकि सच्चाई प्रदर्शित न हो सके। उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि में वर्तमान में कई लोग निवासरत हैं तथा घनी आबादी की भूमि है, उस पर कब्जा बताया जा रहा है। सवाल उठाया गया है किसी को यदि कोई पट्टा राजस्व भूमि का 243/10 का यदि मिला भी हो तो उसके स्थान पर 50 साल के बाद नया भू-खंड 243/1 में से 04 एकड़ 25 डिसमिल भूमि नाम दर्ज करने का आदेश देना कैसे संभव है? साथ ही 07.10.2022 को नवीन संशोधन का उल्लेख करते हुए 20 वर्ष पूर्ण करने के आधार पर भू स्वामी अधिकार भी प्रदान कर दिया, ताकि उसे भूमि बिक्री करने में परेशानी न हो

सरगुजा स्टेट सेटेलमेंट में भूमि गोचर मद में दर्ज
मनीष सिंह ने शिकायत पत्र में उल्लेखित किया है कि उक्त भूमि सरगुजा स्टेट सेटेलमेंट के अनुसार गोचर मद में दर्ज है, इसका किसी भी स्थिति में पट्टा प्रदान नहीं किया जा सकता है। इन तथ्यों के प्रकरण में विद्यमान होने के बाद भी तत्कालीन नजूल अधिकारी ने विधि विरूद्ध आदेश पारित कर शासन को 60 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाई है। उन्होंने राजस्व अधिकारी, भू माफियाओं के बीच सांठ-गांठ से किए गए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी कर्मचारी व भू माफियाओं के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करने व अवैध प्लाटिंग कर संबंधित खसरा नंबर के विक्रय पर रोक लगाने का आग्रह किया है।

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