छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने जताई आपत्ति, कमिश्नर के आदेश में टेक्नीशियन को डॉक्टर लिखा

अंबिकापुर। सरगुजा कमिश्नर ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारी, लैब टेक्नीशियन राजेंद्र गुप्ता को नर्सिंग होम एक्ट, पीसीपीएनडीटी एक्ट और मलेरिया का संभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इस नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। राजेंद्र गुप्ता पिछले करीब तीन साल से जिला मलेरिया अधिकारी के प्रभारी भी हैं।

जानकारी के मुताबिक, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने 14 नवंबर 2025 को आदेश जारी करके जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता (लैब टेक्नीशियन) को राज्य शासन से नियमित भर्ती होने तक उनके वर्तमान कार्य के साथ नर्सिंग होम एक्ट, पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं मलेरिया के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए संभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस आदेश के बाद डॉक्टरों में असंतोष है। छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने उक्त कर्मचारी को संभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त करने पर आपत्ति जताई है और कमिश्नर सरगुजा को पत्र लिखकर जांच का आग्रह किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इकबाल हुसैन ने पत्र में उल्लेख किया है कि स्वास्थ्य विभाग में संभागीय नोडल अधिकारी का पद पूरी तरह से मेडिकल कैडर के लिए आरक्षित है। इस पद पर लैब टेक्नीशियन की नियुक्त पूरी तरह से विभागीय पात्रता के मापदंडों का उल्लंघन है। विभागीय भर्ती नियम के अनुसार नोडल अधिकारी की नियुक्ति केवल स्वास्थ्य संचालक कर सकते हैं। कहा गया है कि कमिश्नर ने अपने आदेश में लैब टेक्निशियन के आगे डॉक्टर लिखा है, यह पात्रता के गलत प्रस्तुतीकरण का संकेत है और जांच का विषय है। प्रदेशाध्यक्ष ने तत्काल इस नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की है।

नोडल अधिकारी बनाने का अधिकार संचालनालय को
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नर्सिंग होम एक्ट, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत संभागीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति प्रदेश में नहीं हुई है। इस एक्ट के प्राधिकृत अधिकारी कलेक्टर एवं जिले के सीएमएचओ होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के जेडी, संभागीय स्तर पर जांच के लिए निर्देशित करते हैं, लेकिन पूरा अधिकार क्षेत्र सीएमएचओ का ही होता है। सीएमएचओ अपनी सुविधा के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करते हैं। बताया गया है कि संचालनालय के किसी आदेश या निर्देश के तहत यह नियुक्ति कमिश्नर ने की है। स्वास्थ्य विभाग में नोडल अधिकारी बनाने का अधिकार केवल संचालनालय को है।

लैब टेक्नीशियन तीन साल से बना है अधिकारी
रघुनाथपुर लुण्ड्रा के लैब टेक्नीशियन राजेश गुप्ता को 31 जनवरी 2022 को तत्कालीन सीएमएचओ सरगुजा ने जिला मलेरिया अधिकारी का प्रभारी अधिकारी बनाया था। इसके पहले जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनिल प्रसाद (क्लास वन आफिसर) थे, जिनके सेवानिवृत्ति के बाद पद रिक्त हुआ था। तृतीय श्रेणी कर्मचारी राजेश गुप्ता को जिला मलेरिया अधिकारी का प्रभार देने पर डॉक्टरों ने आपत्ति की थी। आपत्ति के बाद संयुक्त संचालक स्वास्थ्य, रायपुर ने 02 अगस्त 2023 को राजेश गुप्ता को हटाकर मूल पद पर भेजने का आदेश जारी किया था। राजेश गुप्ता ने इस आदेश के विरूद्ध हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था और पद पर बने हुए है, बताया जा रहा है बाद में न्यायालय ने स्टे को खारिज भी कर दिया है।

Categorized in: