एमआईसी की प्रथम बैठक की शुरूआत गणपतिधाम के प्रवेश द्वार व महामाया कॉरिडोर बनाने के निर्णय से
अंबिकापुर। निगम की नई सरकार की पहली एमआईसी की बैठक निगम के प्रशासनिक भवन में स्थित महापौर कक्ष में सोमवार को हुई। बैठक में मेयर-इन-कौंसिल की बैठक के लिए तय एजेंडा पर चर्चा से पहले गणपति धाम का प्रवेश द्वार बनाने और महामाया मंदिर मार्ग में कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए नगर के विकास हेतु तय विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में एक बड़ा निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए बस स्टैंड में गार्बेज कैफे के नाम पर चल रही मनमानी को बंद करने का निर्णय लिया गया है, इस स्थल का उपयोग यात्री प्रतीक्षालय के रूप में किया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार ने गार्बेज कैफे में अनुपयोगी प्लास्टिक का कचरा लाने पर मुफ्त में पेट भर खाने की व्यवस्था दी थी। निगम की नई सरकार और एमआईसी सदस्यों का मानना है कि गार्बेज कैफे के नाम पर सिर्फ जगह को कब्जा करके रखा गया है, इसके आड़ में दुकानदारी चल रही है। एमआईसी की शीघ्र ही अगली बैठक होगी्र, इसके बाद सामान्य सभा होगी।
निगम के प्रशासनिक भवन में स्थित महापौर कक्ष में निगम के नए एमआईसी के गठन के बाद पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल 21 एजेंडों पर चर्चा की गई। बैठक में सभी विषयों पर चर्चा उपरांत लिए गए निर्णयों के संबंध में महापौर मंजूषा भगत एवं एमआईसी के लोक निर्माण विभाग प्रभारी मनीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एमआईसी की बैठक का श्रीगणेश गणपति धाम के लिए प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लेकर किया गया है। इसके लिए अधोसंरचना मद वर्ष 2021-22 के स्वीकृत कार्यों के बचत राशि से पूर्व की कार्यकारिणी द्वारा स्वीकृत कार्य मे संशोधन करते हुए निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही मां महामाया मंदिर में होने वाली भीड़ के दौरान भक्तों को धूप व गर्मी से बचाने तथा यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। सड़क पर डिवाइडर बनाने और मार्ग के दोनों ओर शेड लगाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। मां महामाया प्रवेश द्वार से मंदिर तक इसका निर्माण किया जाएगा, इसके साथ ही नवरात्र जैसे आयोजनों के समय होने वाली भीड़ को देखते हुए पार्किंग की समस्या को दूर करने इस मार्ग से गुजरने वाले सिंचाई विभाग के नहर के किनारे को पार्किंग के लिए उपयोग करने के संबंध में सिंचाई विभाग से एनओसी लेकर यहां पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा नगर में नया 1000 सीटर वातानुकुलित ऑडिटोरियम का निर्माण करने पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए शासन से 20 करोड़ की राशि मिलने वाली है। इसका निर्माण राजमोहिनी भवन के ऑडिटोरियम को तोड़कर उसी स्थान पर करने का निर्णय लिया गया है। नगर के चौक-चौराहों पर लगे ट्रेफिक सिग्नलों पर लोगों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड का निर्माण कराया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट की तरह नगर में एक स्थान पर पहले इसका निर्माण किया जाएगा, इसके बाद अन्य चौक-चौराहों में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। सर्वप्रथम गांधी चौक पर शेड निर्माण के लिए विचार किया जा रहा है। एमआईसी में नये मंगल भवन के निर्माण, बंद पड़े वाटर एटीएम की मरम्मत और नए वाटर एटीएम की स्थापना, शहर में बढ़ रहे आवारा मवेशियों की संख्या को देखते हुए पुन: कांजी हाउस की स्थापना व संचालन का भी निर्णय लिया गया है। इसके संचालन को शुरू करने से पूर्व लोगों को पालतू मवेशियों को अपने घरों पर ही रखने के लिए कहा जाएगा। साथ ही निगम में बढ़ते सफाई के दबाव को देखते हुए प्लेसमेंट के माध्यम से 100 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भी निर्णय लिया गया है। बैठक के दौरान एमआईसी के सभी सदस्य, निगम आयुक्त, निगम के सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बजट पर चर्चा, स्वीकृति अगली बैठक में
महापौर मंजूषा भगत ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट पर चर्चा की गई, लेकिन अगली एमआईसी की बैठक में इसे स्वीकृति दी जाएगी। शहरवासियों की जरूरतों को ध्यान में सामान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवियों से राय लेने के बाद बजट का खाका तैयार किया जाएगा। पूर्व की तरह वर्षों से चले आ रहे कॉपी पेस्ट की परंपरा को वे नहीं दोहराएंगे। अप्रासंगिक चीजों को बजट से हटाया जाएगा। सभी एमआईसी सदस्यों को बजट के लिए तैयारी करने के लिए कहा गया है, ताकि उसे सामान्य सभा की बैठक मेें पारित किया जा सके।

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