धूमधाम से मनाया गया 28वां वार्षिक उत्सव, ध्वज लेकर चल रही थी महिलाएं
शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा करके विभिन्न समाज के लोगों ने किया स्वागत
अंबिकापुर। श्री श्याम सेवा मंडल द्वारा खांटू वाले श्याम बाबा का 28वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को शहर में निशान यात्रा उत्साह व उमंग के साथ, बाजे-गाजे व आकर्षक झांकी के साथ निकली। शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा करके यात्रा का स्वागत किया गया। जीवंत झांकियों ने शहर के लोगों को मोहित कर दिया। निशान यात्रा में महिलाएं ध्वज लेकर चल रहीं थीं। कृष्ण लीला से जुड़े गीतों पर युवा व महिला-पुरूष और बच्चे झूम रहे थे।
यात्रा राम मंदिर से शुरू हुई, जो जयस्तंभ चौक, महामाया चौक, देवीगंज मार्ग होते हुए संगम चौक, घड़ी चौक, अंबेडकर चौक से पीजी कॉलेज के सामने स्थित श्री श्याम मंदिर पहुंची। यहां कई धार्मिक व भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के लिए बाहर से कलाकारों को बुलाया गया है, जो देर रात तक प्रस्तुति देंगे। बता दें कि मंगलवार, 12 नवम्बर को महोत्सव की शुरूआत शहर के गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा के साथ हुई थी। इस दिन प्रात: 11 बजे से श्री श्याम देवाय नम: लिखो प्रतियोगिता और एकादशी कीर्तन का आयोजन भी किया गया था। 13 नवंबर को श्री श्याम नाम की मेहंदी, श्री श्याम अखंड ज्योति पाठ, तिलक लगाओ प्रतियोगिता और 8 वर्ष तक के बच्चों के लिए राधा-कान्हा बनो का आयोजन श्री श्याम मंदिर में हुआ। 14 नवम्बर को श्री श्याम नाम की मेहंदी, कुर्सी दौड़ और भजनों पर नृत्य प्रतियोगिता जूनियर, सब जूनियर और सीनियर वर्ग के लिए आयोजित की गई थी। विविध आयोजनों के साथ शुक्रवार, 15 नवम्बर को श्री राम मंदिर से विशाल सतरंगी निशान व शोभायात्रा निकली, जिसमें मनमोहक झांकियां और नृत्य नाटिका आकर्षण का केन्द्र रहे। श्री श्याम उत्सव में इस बार छप्पन भोग, श्री श्याम रसोई, अखंड ज्योति, अलौकिक श्रृंगार, भव्य दरबार जैसे आयोजन भी हुए। श्याम पाठ व भव्य दरबार का आयोजन रात को हुआ। जयपुर राजस्थान के मुकेश बागड़ा, सम्बलपुर उड़ीसा की शुभांगी सोनी व धनबाद झारखण्ड के कृष्णा अग्रवाल ने भजनों की अमृत वर्षा की।
स्वागत के लिए उमड़े नगरवासी
रानी सती दादी मंदिर परिवार ने नगर के घड़ी चैक पर निशान यात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके अलावा विभिन्न समाज व संगठन के लोगों ने विभिन्न चौक-चौराहों पर निशान यात्रा का स्वागत किया।

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