रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा बरसात के समय में रेत उत्खनन की रोक के बावजूद ठेकेदार के द्वारा सब नियम कानून को धत्ता बता लीज एरिया को छोड़कर दूसरे स्थान से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों एवं ठेकेदार के आदमियों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है वही जनप्रतिनिधि भी इसका लगातार विरोध कर रहे हैं परंतु खनिज विभाग अभी भी गहरी निंद्रा में सोया हुआ है।

गौरतलब है कि रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम तालकेश्वरपुर एवं ग्राम पचावल के रेत खदान की नीलामी शासन के द्वारा कराई गई है। वही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के द्वारा बरसात के समय में रेत उत्खनन पर पूरे देश में रोक रहता है परंतु यहां शासन के सब नियम कानून को धत्ता बताकर धड़ल्ले से प्रति दिन रेत उत्खनन किया जा रहा है एवं उत्तर प्रदेश परिवहन किया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी है वही जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण इसका कई बार विरोध भी कर चुके हैं यहां तक कि मौखिक एवं लिखित शिकायत भी कर चुके हैं परंतु रेत का अवैध उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

प्लांटेशन एरिया में बना दिया टू लेन सड़क, काट दिया पहाड़ भी- ग्राम त्रिशूली के महुआ घाट से रेत उत्खनन करने के लिए 2 किलोमीटर प्लांटेशन एरिया में टू लेन सड़क का निर्माण कर दिया गया है वहीं स्थिति ऐसी है कि महुआ घाट में ट्रक खड़ा करने के लिए जगह नहीं होने के कारण वहां पर पहाड़ को ही काट दिया गया है।

लीज कहीं का उठाव कहीं से- रेत माफियाओं का मनोबल इतना ऊंचा है कि उत्खनन के लिए लीज कहीं और का है एवं उठाव कहीं और से किया जा रहा है जिसका लगातार विरोध ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि कर रहे हैं परंतु खनिज विभाग इसे देखने तक की जहमत नहीं उठा पा रहा है।

शासन को होगा करोड़ों का राजस्व नुकसान- विभाग की लापरवाही से शासन को करोड़ों का नुकसान होगा क्योंकि जहां से अभी रेत का उत्खनन एवं उठाव हो रहा है वहां पर लीज नहीं होने का आरोप जिला पंचायत सदस्य रामचरित्र सोनवानी ने लगाया। श्री सोनवानी ने कहा कि इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होगा क्योंकि यदि भविष्य में इस रेत खदान का टेंडर होता है तो यहां कोई टेंडर नहीं भरेगा क्योंकि यहां रेत का उठाव हो चुका होगा।

ग्रामीण सड़क का हाल बेहाल पैदल चलना भी है मुश्किल- बरसात के समय में गांव की डामरीकृत सड़क पर दिन भर बड़ी वाहने दौड़ रही हैं जिससे ग्राम त्रिशूली तक करीब 12 किलोमीटर सड़क का हाल बेहाल हो गया है स्थिति ऐसी है कि इसमें बाइक एवं पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है ऐसे में यदि अभी भी तत्काल नहीं रोक लगता है तो ग्रामीण सड़क की स्थिति और दयनीय हो जाएगी।

गांव के दबंग बैरियर लगाकर कर रहे हैं अवैध वसूली- अवैध कारोबार में गांव के दबंग लोगों की बल्ले-बल्ले है उन लोगों के द्वारा बकायदा बैरियर लगा दिया गया है एवं बैरियर लगाकर अवैध वसूली की जा रही है। जहां जहां से रेत का उठाव हो रहा है वहां पर दिन भर कोरोना संक्रमण काल में भी मेला जैसा माहौल रह रहा है दूसरे प्रदेश के लोग भी काफी संख्या में आ रहे हैं।

क्षेत्र की शांति हो सकती है भंग- जिस प्रकार से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के रोक के बावजूद भी शासन के नियम कानून को धता बताकर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है एवं लगातार रेत उत्तर प्रदेश जा रही हैं यहां पर उत्तर प्रदेश के रेत माफिया भी सक्रिय हो गए हैं जिससे गांव की शांति कभी भी भंग हो सकती है। वहीं बीते दिनों मजदूरों के साथ मारपीट की घटना भी हो चुकी है जो सनावल थाने तक भी पहुंची।

उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे मनरुटोला में रेत किया जा रहा है डंप- त्रिशूली के महुआ घाट से रेत का उठाव कर मनरुटोला में डंप किया जा रहा है जहां से देर रात रेत ट्रकों से उत्तर प्रदेश जा रही है। जहां पर डंप हो रहा है वहां से मुश्किल से उत्तर प्रदेश की सीमा 200 मीटर की दूरी पर है जहां से आसानी से ट्रक तुरंत उत्तर प्रदेश की सीमा में चली जाती है।

रेत उत्खनन में  लगी 5 पोकलेन मशीन है- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के रोक के बावजूद किस प्रकार से रेत का कारोबार धड़ल्ले से एवं बड़े स्तर पर किया जा रहा है इसे इस बात से समझा जा सकता है कि रेत उत्खनन के लिए पांच पोकलेन मशीनें लगाई गई है जो दिन रात चल रही हैं।

इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो तत्काल मौके की जांच कराई जाएगी एवं उचित कार्यवाही होगी।

इस संबंध में क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य रामचरित्र सोनवानी ने कहा कि जहां का लीज हुआ है वहां से उठाव नहीं किया जा रहा है श्री सोनवानी ने बताया कि महुआ घाट त्रिशूली एवं ब्याही महुआ कुंदरू से रेत का उठाव किया जा रहा है जहां का लीज है ही नहीं। इसकी शिकायत हम लोगों ने कई बार प्रशासन से की है। यहां तक कि आंदोलन भी किया था। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई अधिकारी देखने तक नहीं आए।

इस संबंध में राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण में रेत का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है हम लोगों ने कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से जिला प्रशासन को अवगत कराया परंतु कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।

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