समाचार माध्यमों से सामने आए घोटाले को सवालों के घेरे में लिया जिपं उपाध्यक्ष ने

मामला स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय केशवपुर से जुड़ा

अंबिकापुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय केशवपुर के उन्नयन, विभिन्न निर्माण एवं वहां हुए सप्लाई को लेकर समाचार माध्यमों से खबर आने के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष अदित्येश्वर शरण सिंह देव ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर सरगुजा से कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिख कर आगामी सामान्य सभा की बैठक में संबंधित कार्य से जुड़े सारे दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र में कहा है कि एक ऐसी फर्म जिसका न तो पता सही है न मोबाइल नंबर, वह फर्म किसकी है, जब कोई जानकारी ही नहीं है, तो एक करोड़ से ऊपर की राशि कैसे जारी कर दी गई।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कलेक्टर सरगुजा को लिखे पत्र में कहा है कि लगातार विभिन्न समाचार माध्यमों से जनपद पंचायत अंबिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केशवपुर में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से हुए कार्य को लेकर भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है। यह बताया जा रहा है कि एक ही कार्य को दो अलग-अलग एजेंसियों से करा दिया गया है, जिसके लिए राशि भी अलग-अलग आबंटित की गई है। एक ही कार्य को दो अलग-अलग एजेंसी करें और राशि भी अलग-अलग आबंटित हो, यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मैं कार्यादेश देख रहा था, जिसमें उन्नयन के कार्य में ज्यादा राशि खर्च हो रहा है, जबकि निर्माण के कार्य में राशि कम खर्च हो रही है, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत केशवपुर उनका भण्डार गांव है और वे वहां के वोटर हैं। उन्होंने कहा है कि अपने भंडार गांव में भ्रष्टाचार व ऐसी बातें वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। न सिर्फ केशवपुर बल्कि कहीं भी कोई भी एजेंसी या फर्म ऐसे कैसे कार्य कर सकती है। डीएमएफ मद के लगभग 1.80 करोड़ की राशि का दुरूपयोग समझ से परे है। कलेक्टर को लिखे पत्र में आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने आग्रह किया है कि उपरोक्त कार्य की जांच एक कमेटी बनाकर कराई जाए, साथ ही मेसर्स अनन्या कंस्ट्रक्शन एवं सप्लायर नाम के फर्म ने जिले में डीएमएफ मद से जो भी कार्य किया है, उसकी जांच कराएंं। जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल, महाविद्यालय से लेकर रिपा योजना तक जहां भी डीएमएफ की राशि खर्च की गई है, इसकी जांच कराते हुए प्रमुख रूप से दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही इस फर्म का भी खुलासा हो कि आखिरकार वर्तमान में यह संचालित है भी या नहीं या केवल उक्त कार्य के लिए ही बनाई गई थी।

फर्म का पता और मोबाइल नंबर तक सही नहीं
आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने पत्र में यह भी लिखा है कि पता चला कि मेसर्स अनन्या कंस्ट्रक्शन एवं सप्लायर फर्म जिसने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय, केशवपुर में कार्य किया है। सर्वाधिक राशि उक्त फर्म को दी गई है, जबकि वर्तमान में इस फर्म का पता और मोबाइल नंबर तक गलत बताया जा रहा है। ऐसे में जनपद पंचायत ने किस आधार पर इस फर्म को यह कार्य दिया और राशि का आवंटन किया। नियम व शर्तें क्या थी? इसकी बिन्दुवार जांच कराई जाए। कहां की और किसकी फर्म थी।

दबाव डालकर कटवाया फर्म के नाम पर चेक
आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने पत्र में लिखा है कि पता चला है कि ग्राम पंचायत केशवपुर के सरपंच-सचिव ने मिडिया को यह बताया है कि तत्कालीन जनपद सीईओ ने पंचायत के खाते में राशि अंतरण से पहले ही उपरोक्त फर्म के नाम पर दबाव डालकर जनपद में बुलाकर चेक कटवा लिया था और आज तक उक्त फर्म ने उस कार्य के एवज में ग्राम पंचायत को न तो बिल और न ही कोई रसीद उपलब्ध कराया है। अब ग्राम पंचायत को समझ में नहीं आ रहा है कि उक्त कार्य की जानकारी व दस्तावेज ऑडिट के समय शासन को कैसे उपलब्ध कराएगी?

आगामी सामान्य सभा में समस्त दस्तावेज प्रस्तुत करें
केशवपुर आत्मानंद महाविद्यालय के मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिख कर आत्मानंद स्कूल व महाविद्यालय केशवपुर में हुए समस्त कार्यों के दस्तावेज, जो पंचायत, जनपद एवं जिला पंचायत सहित डीएमएफ शाखा में उपलब्ध हों उसे आगामी सामान्य सभा में प्रस्तुत करने निर्देशित किया है।

जनपद विकास निधि की राशि इंजीनियर के खाते में अंतरण
जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने जनपद विकास निधि की राशि जो संबंधित जनपद क्षेत्र के सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्य हेतु आते हैं, उस राशि को जनपद अंबिकापुर द्वारा एक सब इंजीनियर के खाते में अंतरण कर निकाल लेने एवं उसके एवज में कोई कार्य नहीं कराने को लेकर भी सवाल खड़ा किए हैं। उन्होंने कहा है कि जनपद विकास निधि जनपद सदस्यों के लिए होता है और उसे भी खर्च कर दिया जा रहा है और बकायदे एक इंजीनियर के खाते में राशि डाल दी जा रही है। यह किस नियम के तहत हो गया। केशवपुर आत्मानंद महाविद्यालय में जनपद सदस्य विकास निधि की राशि से 10 लाख के समतलीकरण के मामले पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किए हैं और कलेक्टर सरगुजा व जिला पंचायत सीईओ से जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

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