बात नहीं बनी तो 21 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए होंगे लामबंद
अंबिकापुर। जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को पिछले 15 माह से कार्य आधारित वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को शासन के द्वारा 16 हजार 500 रुपये प्रतिमाह एकमुश्त वेतन तथा 15 हजार रुपये माह में किए गए कार्य के आधार पर कार्य आधारित वेतन (पीएलएफ) प्रदान किया जाता है, परंतु सरगुजा जिले सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को कार्य आधारित वेतन का भुगतान पिछले 15 माह से नहीं हुआ है। इसका मुख्य कारण राज्य से फंड प्राप्त नहीं होना बताया जा रहा है। शासन से कई बार पत्राचार करने के बाद भी लंबित भुगतान के लिए पहल नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रकोष्ठ के प्रांतीय आह्वान पर आज 18 जून से ऑनलाइन रिपोर्टिंग बंद करने के बाद भी पहल नहीं होने पर 21 जून से सभी काम बंद करके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। तत्संबंध में बैठक का आयोजन अंबिकापुर में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में 25000-35000 बेसिक तथा 15000 कार्य आधारित वेतन दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में मात्र 16500 बेसिक एवं 15000 कार्य आधारित वेतन दिया जा रहा है, वह भी समय पर नहीं मिल रहा है। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री अनिल पांडेय, अध्यक्ष जिला शाखा सरगुजा धनेश प्रताप सिंह, संभागीय सचिव दुर्गेश त्रिपाठी, प्रांतीय पदाधिकारी ओंकार पांडेय, अध्यक्ष ब्लाक शाखा अंबिकापुर हेमन्त मरावी, सीएचओ प्रकोष्ठ के जिला संयोजक करिश्मा केरकेट्टा, उप जिला संयोजक अतुल शुक्ला, जिला सचिव वर्षा, ब्लाक संयोजक उदयपुर अस्मिता कुजूर, ब्लाक संयोजक अंबिकापुर योगिता ठाकुर, ब्लाक संयोजक लुण्ड्रा निशा कुजुर, ब्लाक संयोजक बतौली प्रतिमा दास, ब्लाक संयोजक सीतापुर सपना निराला, ब्लॉक संयोजक मैनपाठ कंचन, ब्लाक संयोजक लखनपुर अनिता राजवाड़े सहित अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
संघ ने की मांग
* लंबित पीएलएफ का मई 2024 तक का संपूर्ण भुगतान एवं आगामी माह से नियमानुसार प्रत्येक माह के 15 तारीख के भीतर भुगतान किया जाए।
* महिला सीएचओ के साथ हो रहे अमानवीय कृत्यों पर रोक लगाने के लिए गृह जिले में स्थानांतरण एवं 8 किलोमीटर के दायरे में मुख्यालय निवास लागू किया जाए।
* पवन कुमार वर्मा जिला संयोजक सीएचओ प्रकोष्ठ कांकेर का जिला कार्यालय द्वारा गलत तरीके से भ्रामक जानकारी प्रदाय कर किए गए सेवा समाप्ति आदेश को तुरंत रद्द कर सेवा में बहाली एवं दोषियों के ऊपर कार्रवाई की जाए।

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