जीएसआइएन ट्रेडिंग के फर्जी एप्प को बनाया था ठगी का माध्यम

अंबिकापुर। फर्जी ऐप जीएसआइएन ट्रेडिंग के आड़ में ऑनलाइन सात लाख 35 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कोतवाली पुलिस ने ओटीपी मैनेज करने वाले तीन आरोपियों को नागपुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ठगी का शिकार हुए युवक ने इंस्टाग्राम के एक ट्रेडिंग ग्रुप को ज्वाइन किया था। इसके बाद आरोपी उससे अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा कराते गए। ठगी का शिकार हुए युवक ने इसकी जानकारी कोतवाली थाना को दी थी, जिस पर केस दर्ज कर पुलिस वैधानिक कार्रवाई में लगी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 09 मोबाइल फोन, 04 चेकबुक और एक एटीएम कार्ड जप्त किया है।  

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने पत्रकारों को बताया कि गुरूद्वारा वार्ड निवासी गुरभेज सिंह छाबड़ा पिता रघुवीर सिंह छाबड़ा 45 वर्ष ने बीते 19 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 15 दिसंबर 2023 को वह इंस्टाग्राम में एक ट्रेडिंग ग्रुप गोल्डन सच्स एक्वॉलिटी एसेस्ट मैनेजमेंट 356 ज्वाइन किया था। उक्त ग्रुप में शामिल आरोपियों ने प्रलोभन देकर फर्जी ट्रेडिंग एप्प से अवगत कराया और जीएसआइएन ट्रेडिंग एप्प डाउनलोड करा दिया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से फर्जी एप्प के कस्टमर सर्विस सेंटर द्वारा अलग-अलग बैंक का खाता नंबर देकर सात लाख 35 हजार रुपये मंगवा लिया गया। इसके पहले 10 से 23 जनवरी 2024 तक आरोपियों ने गुरभेज सिंह छाबड़ा को प्रभावित करने के लिए 10 हजार 49 रुपये आहरित करने के लिए भेजा। इसके बाद 07 फरवरी से 17 फरवरी के बीच जब वह राशि आहरित करने का प्रयास किया तो फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म द्वारा इसकी स्वीकृति नहीं दी गई। 15 फरवरी को संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप से भी आरोपियों ने उसे अलग कर दिया। मामले में पुलिस ने धारा 420 भादसं एवं 66(डी) आईटी एक्ट का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी में सायबर सेल से निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, थाना कोतवाली से प्रधान आरक्षक अजय पाण्डेय, आरक्षक दीनदयाल सिंह, शिव राजवाड़े की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

इन्हें गिरफ्तार की पुलिस
ठगी के मामले में केस पंजीबद्ध होने के बाद सायबर सेल टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को चिन्हांकित कर नागपुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है। आरोपियों में स्वप्निल चिचगरे 25 वर्ष, राहुल सरोज 25 वर्ष व प्रचीत कुमार येंडे 33 वर्ष सभी निवासी नागपुर महाराष्ट्र शामिल हैं। सायबर सेल टीम और थाना कोतवाली की संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी करके इन ठगों को गिरफ्तार किया और न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

सरगुजा पुलिस के अथक मेहनत से सात लाख 35 हजार की ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओटीपी मैनेज करने का काम करते आ रहे थे। पुलिस ने जिन खातों में ठगी का शिकार हुए युवक ने पैसा डाला था, उसकी तहकीकात बैंकों से की। इन्होंने कबूल किया कि फर्जी खाता का संचालन करके ये ठगी का गोरखधंधा करने में लगे थे। गिरोह बड़ा है, इनके द्वारा देश के कई हिस्सों में ठगी की गई है।

अमोलक सिंह ढिल्लो
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सरगुजा

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