रामानुजनगर। प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र से ऐतिहासिक विजय होने के बाद से नव निर्वाचित विधायक भूलन सिंह मरावी ने गुरुवार को रामानुजनगर का भ्रमण कर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान नगर के व्यवसायी व निवासियों ने नवनिर्वाचित विधायक का फूल माला आरती उतारकर मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि रामानुजनगर में अब तक विधानसभा चुनाव में भाजपा को अधिकतम 147 वोट मिले थे, मगर इस बार के चुनाव में नगर की जनता ने भाजपा पर विश्वास जताया है और यहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी 62 मतों से लीड कर गई। आजादी से लेकर 2018 तक हुए चुनाव में रामानुजनगर ग्राम की जनता कांग्रेस को वोट देती रही। पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह निवर्तमान विधायक खेलसाय सिंह व सिटिंग जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े के प्रभाव वाला गांव माना जाता रहा है परन्तु इस बार नरेश राजवाड़े के विरोध में जनता ने मतदान किया है लिहाजा 147 अधिकतम वोट पाने वाली भाजपा इस चुनाव में यहां से लीड कर गई। गुरुवार की शाम बारिश थमने के बाद विधायक भूलन सिंह द्वारा नगर में घूमकर मतदाताओं का आभार प्रकट किया और उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद दिया गया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय उपाध्यक्ष अजय सिंह सौभाग्य दुबे मोहन अग्रवाल रामनिवास साहू सुंदर लाल सिंह बंशीलाल शर्मा रामप्रताप साहू रामकृष्ण साहू महादेव सिंह विकास दुबे संजीव गुप्ता रिंकल गुप्ता अनूप दुबे सहित बड़ी संख्या में समर्थक भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

रेणुका बने सीएम क्षेत्रवासियों की मांग। कद्दावर नेत्री व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को मुख्यमंत्री बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ते जा रहा है क्षेत्र की जनता को भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व से उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री व भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आयी रेणुका सिंह को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने की बात कहकर सरगुजा संभाग से 14 की 14 सीट कांग्रेस पार्टी ने लिया था। मगर सरगुजा की जनता को कांग्रेस ने धोखा देने का काम किया। कांग्रेस पार्टी ने टीएस बाबा को मुख्यमंत्री न बनाकर न सिर्फ जनता को धोखा दिया बल्कि सरगुजा संभाग को विकास में मामले में भी कांग्रेस की सरकार ने उपेक्षित रखा। लिहाजा इस चुनाव में यहां की जनता ने कांग्रेस के धोखेबाजी का बदला लिया है और संभाग की सभी सीटों पर भाजपा को जीत दिलाकर मुख्यमंत्री की दावेदारी को मजबूत किया है। सरगुजा संभाग के अलावा बिलासपुर रायपुर दुर्ग व बस्तर संभाग में भाजपा को उतनी सीटें नहीं मिली हैं। यदि सरगुजा संभाग से भाजपा को बड़ी जीत नहीं मिलती तो भाजपा सत्ता में नहीं आ पाती।

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