आरोप-पानी की व्यवस्था तो दूर, अस्पताल प्रबंधन कर रहा स्वच्छकों का निलंबन
कलेक्टर के पास पहुंचे जीवनदीप समिति के स्वच्छक कर्मचारी
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले 10-15 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं होने से बनी दिक्कत की ओर सरगुजा कलेक्टर के जनचौपाल में ध्यानाकर्षण जीवन दीप समिति के स्वच्छकों ने कराया है। बताया गया है कि पानी सप्लाई नहीं होने के कारण अस्पताल की सफाई नहीं हो पा रही है, इसका खामियाजा छोटे कर्मचारियों को बेवजह निलंबन के रूप में भुगतना पड़ रहा है। इनके द्वारा अस्पताल अधीक्षक व सुपरवाइजर की निलंबित करने की मांग की गई है।
जीवन दीप समिति के कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में पानी की व्यवस्था नहीं होने से शौचालय की सफाई में परेशानी हो रही है। इसकी जानकारी अस्पताल अधीक्षक को दी गई, तो उनका कहना है कि हम कुछ नहीं जानते, तुम लोग कहीं से पानी लाओ, हैंडपंप से या रानी तालाब से लेकिन टॉयलेट बाथरूम व अस्पताल की सफाई करो। अस्पताल की सफाई होनी चाहिए। तत्संबंध में छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने मंगलवार, 16 मई को ‘अंधकूप की प्यास बुझाने टैंकर से डाल रहे पानी, ठीकरा फूटा स्वच्छकों पर; शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन कमियों को दूर करे, इस ओर सार्थक पहल की अपेक्षा व्यक्त की गई थी। इन सबके बीच प्रबंधन के तानाशाह रवैया से बिफरे जीवनदीप के कर्मचारी अपना काम निपटाने के बाद पानी की किल्लत के बीच कार्य के बाद बन रही फजीहत की स्थिति से अवगत कराने कलेक्टर के पास पहुंचे। इन्होंने आए दिन अस्पताल में बनने वाली अप्रिय स्थिति व प्रबंधन के दबाव की ओर ध्यान दिलाया। इन्होंने कहा कि समिति के सफाई कर्मचारियों को बिना कारण के 10-15 दिनों के लिए उन्हें सस्पेंड (निलंबित) कर दिया जाता है, जबकि उनका कोई दोष नहीं होता।
चार सफाई कर्मचारियों को काम से बाहर निकाला
कर्मचारियों ने कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया है कि 02 मई से 15 मई 2023 तक के लिए 04 सफाई कर्मचारियों को निकाल दिया गया, जबकि उनका कोई दोष नहीं है। बिना किसी कारण झूठा आरोप लगाकर निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में फलोरा एक्का, चन्द्रवती साहू, सोनम, चन्दन शामिल हैं, जिन्हें बिना कारण निलंबित कर दिया गया है, जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। आरोप है मेडिकल कॉलेज प्रबंधक व सुपरवाइजर की साठ-गांठ से उक्त कर्मचारियों का निलंबन किया गया है।
इसी नौकरी के भरोसे पल रहा परिवार
बेवजह निलंबित किए गए सफाई कर्मचारियों ने बताया है कि अपने परिवार, बच्चों का पालन-पोषण इसी नौकरी के भरोसे वे करते हैं।इनकी मांग मेडिकल कॉलेज अधीक्षक एवं सुपरवाइजर आशीष साहू को हटाने की है, ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सके। इनके द्वारा निलंबित किए गए सफाई कर्मचारियों को पुनः बहाल करने  एवं अस्पताल में पर्याप्त पानी सप्लाई करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

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