घायल अवस्था में लाए गए ग्रामीण ने अस्पताल में दम तोड़ा

अंबिकापुर। ससुराल में घर जमाई बनकर रहने वाले ग्रामीण की पत्नी, बेटे व ससुराल वालों ने मिलकर 11 दिसंबर की रात लाठी-डंडे व हाथ मुक्के से मामूली बात को लेकर बेदम पिटाई कर दी। पड़ोसियों के बीच बचाव करने के बाद उसे इलाज के लिए अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बीच रुपये खत्म होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वजन भर्ती कराए थे, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार महेश राम रजक पिता राम प्यारे रजक 44 वर्ष ग्राम कोटेया थाना प्रतापपुर में स्थित अपने ससुराल में पिछले 24-25 वर्षों से रह रहा था, उसके दो बेटे हैं। ससुराल में उसकी पत्नी उर्मिला की बहन भी अपने पति व बच्चों के साथ रहती है। 11 दिसंबर की रात किसी बात को लेकर महेश का विवाद उसके बेटे कृष्णा व पत्नी उर्मिला से हो गया। इससे नाराज सभी ने मिलकर लाठी-डंडे से महेश को बेदम पिटाई कर दी, जिसमें पत्नी व पुत्र ने भी साथ दिया। पड़ोसियों ने घटना की जानकारी महेश के भाई अवधेश रजक को दी, जो अपने घर रामानुजगंज में रहता है।

वह मौके पर पहुंचा और आहत भाई को इलाज के लिए अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दो दिनों तक इलाज कराने के बीच रुपये खत्म हो गए। उसे 13 दिसंबर को मेडिकल कॉलज अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां इलाज के दौरान गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई। मारपीट करने वालों में पत्नी उर्मिला रजक, सास झरियारो, साली, साढू व मृतक की पत्नी एतवरिया, पुत्र सहित अन्य शामिल थे। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद केस डायरी संबंधित थाने को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

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