ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनने पर जयराम राजवाड़े के शासनकाल में हुआ था स्टेडियम का निर्माण

जरही/भटगांव। सूरजपुर जिले के नगर पंचायत भटगांव का गठन हुए लंबा अरसा बीत चुका है, इसके बाद भी नगर पंचायत क्षेत्र की स्थिति बदहाल है। यहां नगरवासियों के लिए लाखों की लागत से बना खेल स्टेडियम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। करीब 16 साल पहले नगर पंचायत भटगांव ने स्टेडियम के लिए टेंडर निकाला था। अधिकारियों व ठेकेदार की मनमानी ही कही जाए पहले तो नगर पंचायत भटगांव की सीमा से बाहर दूसरे ग्राम पंचायत दुग्गा में स्टेडियम का निर्माण कर दिया गया, वहीं गुणवत्ताहीन स्टेडियम में किसी प्रकार का आयोजन नहीं हो पा रहा है। स्थानीय खिलाडिय़ों को खेल परिसर के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खेल के प्रोत्साहन के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के प्रशासनिक दावे भी फेल हैं। स्टेडियम पर किसी भी उच्च अधिकारी का नजर नहीं जाना जिम्मेदारों की भूमिका पर सवालिया निशान लगा रहा है। खेल के प्रति रूचि रखने वाले लोगों की परवाह न तो शासन के अंग अधिकारियों को है और न ही जनप्रतिनिधियों को, जिसके चलते यह स्टेडियम अपना अस्तित्व खो रहा है। वर्ष 2005-06 में विशेषकर क्रिकेट प्रेमियों के लिए लाखों रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया था। खिलाड़ी वर्ग के साथ आमजनों में स्टेडियम के निर्माण को लेकर बड़ी उत्सुकता थी। रात्रिकालिन क्रिकेट प्रतियोगिता मिनी स्टेडियम में होने के कयास लग रहे थे। उम्मीद थी कि यहां दर्शक दीर्घा सहित खिलाडिय़ों के लिए आवश्यक चेंजिंग रूम जैसी अन्य सुविधाएं मिलेगी। मगर शुरूआत से ही उपेक्षा के शिकार हुए मिनी स्टेडियम में बड़ा आयोजन होना तो दूर छोटा आयोजन भी नहीं हो पाया।
देखरेख के अभाव में खंडहर
समुचित देखरेख के अभाव में यह स्टेडियम खंडहर में तब्दील हो गया है। स्टेडियम को देखकर ऐसा नहीं लगता कि जिन उद्देश्यों को लेकर सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर इसका निर्माण कराया था, वह सार्थक हुआ है। इसकी देखरेख की ओर भी किसी का ध्यान नहीं है, जिसके चलते स्टेडियम का विशाल मैदान अनैतिक, अपराधिक कृत्यों का अड्डा बन गया है।
ईंट की बाउंड्री गायब हो गई
लाखों की लागत से बने इस मिनी स्टेडियम के चारों तरफ ईंट से बनी बाउंड्री को तोड़कर र्इंट की चोरी कर ली गई है। स्टेडियम में बने सीढ़ी तोड़ दिए गए हैं। स्टेडियम की पिच टूट चुकी है, मैदान में कई जगह बड़े गड्ढे हैं। दर्शक दीर्घा के लिए बनी सीटें धसक गई है। मैदान के चारों तरफ नजर घुमाने पर कचरा ही कचरा नजर आता है। नगर पंचायत के द्वारा स्टेडियम के एक कोने में कंपोस्ट सेंटर बनाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्टेडियम की बर्बादी का जिम्मेदार कौन हैं?
गलत स्थल चयन करने से हुई दुर्गति
खेल प्रतिभाओं को सर्वसुविधा युक्त मैदान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बनवाया गया मिनी स्टेडियम बिना उपयोग के खंडहर में तब्दील होने का कारण मुख्य रूप से गलत स्थान का चयन है। ऐसा प्रतीत होता है कि स्टेडियम को अधिकारी पूरी तरह से भूल चुके हैं। सिस्टम की इस लचर व्यवस्था का खामियाजा भटगांव नगर पंचायत क्षेत्र के खिलाडिय़ों को भुगतना पड़ रहा है। खेल प्रेमी और खिलाड़ी हताश, निराश हैं। यही कारण है कि जिला व राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बनाने में क्षेत्र के खिलाड़ी कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। खिलाडिय़ों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने का दावा धरातल पर देखने को नहीं मिल रहा है।
बयान-
स्टेडियम का मरम्मत कराने जिम्मेदार लोगों को निर्देशित किया जाएगा। स्टेडियम के देखभाल के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में बेहतर तरीके से खेल-कूद का आयोजन हो सके। क्षेत्र के युवा विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकंे।  
सागर सिंह, एसडीएम भैयाथान

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