गांधीनगर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा हटाए गए, कलीम खान को मिली थाने की कमान

अंबिकापुर। ट्रांसपोर्टर और परिवहन विभाग के उडऩदस्ता प्रभारी के बीच रविवार को कथित रूप से हुई मारपीट व कपड़ा फाडऩे की घटना के बाद गांधीनगर थाने में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और हंगामे की स्थिति बन गई। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में थाने में गाली-गलौज ट्रांसपोर्टर की ओर से पहुंचे लोगों के द्वारा किया जा रहा था। थाने में बेखौफ होकर धमकी भरे अंदाज में चल रहे गाली-गलौज को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर व आरटीओ के उडऩदस्ता प्रभारी की ओर से तो अपराध दर्ज किया ही गया है, थाने में शासकीय कार्य में व्यवधान डालने व गालीगलौज के मामले में शासन की ओर से थाना प्रभारी की ओर से पृथक से अपराध दर्ज किया गया है। वहीं इस घटना के बाद थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा को लखनपुर रवाना कर गांधीनगर थाने की कमान निरीक्षक कलीम खान को दी गई है।
बता दें कि ट्रांसपोर्टर और आरटीओ के उडऩदस्ता प्रभारी व उनके पुत्र के बीच मारपीट के मामले में एफआइआर दर्ज कराने लोगों का थाने में जमघट लगा था। थाने के भीतर ही गाली-गलौज की घटना हुई। थाने में लोगों का हुजूम उमडऩे की सूचना पर एडिशनल एसपी विवेक शुक्ला पहुंचे। उनके कड़े तेवर के बाद माहौल बदल गया और भीड़ को थाना परिसर से बाहर कर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। थाने में हंगामा और गाली-गलौज के मामले को लेकर गंभीर पुलिस अधिकारी ने संकेत दिया कि इसमें जांच के बाद और धारा जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज न हो, इसके लिए किसी नेता का फोन भी आया, लेकिन थाने के भीतर शोरगुल, गालीगलौज व शासकीय कार्य में बाधा से नाराज पुलिस ने एफआइआर दर्ज करके ही माना। इधर थाना परिसर में बनी अप्रिय स्थिति से नाराज रेंज के आइजी अजय यादव ने थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा को हटाने के निर्देश दिए, जिस पर गांधीनगर थाने के प्रभारी कलीम खान बनाए गए हैं। मासिक खर्च देने से मना करने पर गालीगलौज व मारपीट का आरोप-
बौरीपारा निवासी ट्रांसपोर्टर अरुण सिंह का आरोप है आरटीओ उडऩदस्ता प्रभारी अनुपम पटेल, उनका पुत्र अमन पटेल एवं दो अन्य सहयोगी उनसे उस समय उलझ गए जब वे अपने वाहन का किए गए ई-चालान के संबंध में बातचीत करने उडऩदस्ता प्रभारी के पास पहुंचे थे। इस दौरान उडऩदस्ता के द्वारा गाली-गलौज किया गया और उनके पुत्र एवं साथियों ने मारपीट कर कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने रिपोर्ट में बताया है कि उनके वाहन का चालन चार अप्रैल को किया गया था, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। जब वाहन का टैक्स अदा करने वे आरटीओ कार्यालय गए तो पता चला उनके वाहन का ई-चालान 20 हजार रुपये किया गया है। उडऩदस्ता प्रभारी अनुपम पटेल से फोन कर चालान के संबंध में बात करने पर उन्होंने रायपुर से आने के बाद मिलने कहा था। 27 जून को जब वे गांधीनगर थाने के सामने उडऩदस्ता प्रभारी अनुपम पटेल से मिलकर ऑनलाइन किए गए चालान के संबंध में चर्चा कर शिकायत किया कि जब उनका वाहन ई-चालान दिनांक को रायपुर में था तो क्यों चालान किया गया, आजकल वाहन चलाने में ऐसी ही परेशानी हो रही है। आरोप है कि अनुपम पटेल ने कहा कि मासिक खर्चा नहीं दोगे तो गाड़ी कहीं नहीं चल पाएगी, नहीं तो चालान काट दिया जाएगा। उन्होंने गाड़ी आरटीओ के नियमों का पालन करते हुए चलाने की बात कही और अवैध भुगतान पर आपत्ति जताई तो अनुपम पटेल ने गाली देते हुए भाग जाने, नहीं तो लड़कों से जान से मरवा देने की धमकी दी। इसके बाद वे वापस घर जाने को हुए तो दुर्गा मंदिर के पास उडऩदस्ता प्रभारी का पुत्र अमन पटेल उनकी स्कार्पियो को रोककर, खींचकर गाड़ी से उतारा और मेरे बाप से बहस करते हो, कहते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन पर पटक कर लात-घूंसा से मारने लगा। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपितों के विरूद्ध धारा 294, 323, 506, 34 का मामला दर्ज किया है।
ट्रांसपोर्टर के विरूद्ध मामला दर्ज-
आरटीओ उडऩदस्ता प्रभारी अनुपम पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि 26 जून की शाम सात बजे वे अपने घर से ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी रास्ते में किराना स्टोर गांधीनगर के पास अरूण कुमार सिंह ट्रक मालिक ने मेरी गाड़ी का ई-चालान क्यों किये हो, कहकर रास्ता रोक गाली-गलौल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर अपमानित एवं भयभीत किया गया। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर के द्वारा भविष्य में उनकी गाडिय़ों का चालान करने पर पूरे परिवार को समाप्त कर देने व अंबिकापुर के कई लोगों को मारने के लिए बुलाने की बात कही। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपित के विरूद्ध धारा 186, 353, 294, 506 कायम किया है।
पुलिस ने भी पृथक से कराया मामला दर्ज-
गांधीनगर थाने के प्रभारी अलरिक लकड़ा ने भी शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर गाली-गलौज करने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उल्लेखित है कि 26 जून को वे नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के साथ थाना प्रभारी कक्ष में बैठकर अपराध की समीक्षा कर रहे थे, उसी दौरान अनुपम कुमार पटेल एवं अरूण कुमार सिंह एक-दूसरे के विरूद्ध हुए विवाद का अपराध कायम किया गया था। इसी बात को लेकर थाना प्रभारी कक्ष के सामने ट्रांसपोर्टर के समर्थन में गाली-गलौज की आवाज सुनकर थाने में उपस्थित स्टाफ उप निरीक्षक आरपी साहू, रश्मि सिंह राज, सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह, संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक दीनानाथ भारती, आरक्षक अमृत सिंह, अनिल सिंह और श्यामलाल सहित नगर पुलिस अधीक्षक ने समझाइश दी। पुलिस स्टॉफ से गाली-गलौज व शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में पुलिस ने धारा 186, 294 भादंसं का अपराध कायम कर विवेचना में लिया है।
एएसपी के पहुंचने के बाद बदला माहौल-
हंगामे और गाली-गलौज की सूचना पर मौके पर एडिशनल एसपी विवेक शुक्ला पहुंचे। उन्होंने थाना परिसर की स्थिति देख नाराजगी जाहिर की और भीड़ को बाहर निकाला गया। शासकीय कार्य में बनी व्यवधान की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसकी जानकारी सरगुजा रेंज के आइजी अजय यादव व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता को दी। आईजी ने थाना परिसर में पुलिस स्टॉफ से गालीगलौज के मामले में तत्काल संबंधित के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।

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