अंबिकापुर। केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी ने बाथरूम में फांसी लगा खुदकुशी कर ली। कैदी लगभग 12 वर्षों की सजा काट चुका था। जेल अधीक्षक ने प्रथम दृष्टि में जेल के दो कर्मचारियों को दोषी मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल के बैरक नंबर नौ में दंडित बंदी लूकनू कोरवा पिता ननकू कोरवा, उम्र वारंट अनुसार 25 वर्ष निवासी ग्राम सिलौटी थाना राजपुर को न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर जिला सरगुजा के सत्र प्रकरण क्रमांक-276/2010, धारा 302 एवं 323 भादवि के तहत 11 अगस्त 2011 को आजीवन कारावास की सजा एवं एक हजार रुपये अर्थदंड या दो माह के अतिरिक्त कारावास के दंड से दंडित किया गया था, इसके बाद से वह केंद्रीय जेल में सजा भुगत रहा था। बंदी द्वारा बैरक नंबर-09 के शौचालय की खिड़की (दरवाजा) में लगे लोहे के ग्रील में गमछे से 26 जून 2022 की रात्रि 10 से 02 बजे के बीच फांसी लगा खुदकुशी कर ली। ड्यूटी पर तैनात प्रवीण रातड़े प्रहरी के द्वारा दंडित बंदी के फांसी लगाने की सूचना रात्रिकालीन चक्कर गार्ड इंचार्ज मनोज सिंह प्रहरी को दी गई थी। प्रहरी मनोज ने वरिष्ठ अफसरों को घटना की जानकारी देने के बाद जेल चिकित्सक डॉ.प्रगति सोनी को इससे अवगत कराया। उनके द्वारा बैरक नंबर-09 में जाकर शव परीक्षण किया और रात 11.30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया था। बंदी लुकनु, कोरवा के बैरक नंबर-08 में फांसी लगाकर खुदकुशी करने की जानकारी जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को कार्यालयीन पत्र जारी कर दी थी। मृत बंदी के शव का पंचनामा, परीक्षण न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में किया गया। बंदी के स्वजनों को घटना से अवगत कराया गया था, जिस पर वे अंबिकापुर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बंदी के द्वारा की गई खुदकुशी की सूचना महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं रायपुर, जिला दंडाधिकारी सरगुजा व पुलिस अधीक्षक को भी दी गई है।

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