दूसरे मामले में श्रम विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लिए एक लाख, 30 हजार वापस कर मुंह मोड़ा
अंबिकापुर। दरिमा थाना क्षेत्र में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लोग ठगी का शिकार हो गए। नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने रुपये वापस करने कहा लेकिन टालमटोल करते रहे। एक युवक से एक लाख रुपये लेने के बाद निजी कंपनी में नौकरी का आदेश पत्र थमाया गया। युवक को दो माह काम करने के बाद फूटी कौड़ी नहीं मिली। दूसरे मामले में श्रम विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवक के पिता ने एक लाख रुपये रिश्ते में दामाद और ससुर को दे दिए, इसके बाद नौकरी नहीं मिली। रुपये वापस करने के लिए दबाव बनाने पर 30 हजार रुपये वापस कर इन्होंने कन्नी काट लिया।
राजू राम पिता स्व.सोहन राम निवासी बरटिकरा ने दरिमा थाना पुलिस को बताया कि उसके लड़के संदीप मिंज का नौकरी लगवाने के नाम पर वह अपनी पत्नी के सामने ग्राम इंदरपुर के सुनील मिंज पिता स्व.तीजन राम को तीन सितंबर 2020 को लोक निर्माण ऑफिस के पास 70 हजार रुपये दिया, बाकी रकम 30 हजार रुपये उसे घर में अपनी पत्नी के साथ जाकर दिया। इस दौरान संदीप मिंज ने एक निजी कंपनी का आदेश पत्र उसके लड़के को दिया। यहां करीब दो माह तक काम करने के बाद संदीप मिंज को वेतन नहीं मिला। रुपये मांगने पर टाल-मटोल करते रह गए। एक अन्य मामले में सूरजपुर जिला के महेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा पिता घूरन राम 55 वर्ष निवासी ग्राम सोहागपुर थाना बिश्रामपुर, हाल-मुकाम अजबनगर थाना जयनगर ने बताया कि मनोज राजवाड़े और सुखसेन दोनों नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी कर लिए। मामले में पुलिस ने धारा 420, 34 कायम किया है। महेंद्र प्रसाद ने पुलिस को बताया कि सुखसेन पिता करमेन रजवार 65 वर्ष निवासी ग्राम सोहागपुर थाना बिश्रामपुर व मनोज राजवाड़े पिता हरवंश राजवाड़े 45 वर्ष निवासी ग्राम तुरना थाना दरिमा आपस में ससुर-दामाद हैं। वर्ष 2017 के फरवरी माह में सुखसेन एवं सोहन राम उसके पास आए थे। इन्होंने बताया कि श्रम विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य पदों की नियुक्ति बावत सीधी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मनोज पिता हरवंश राजवाड़े उसका दामाद लगता है वह नौकरी लगवा देगा, इसके लिये एक लाख रुपये खर्च करना पड़ेगा। उसकी बातों पर विश्वास कर वह उसके दामाद मनोज राजवाड़े के घर सुखसेन व सोहन के साथ ग्राम तुरना गया, यहां सुखसेन ने दामाद मनोज राजवाड़े को एक लाख रुपये देने के लिए कहा। इनकी बातों में आकर वह एक लाख रुपये दे दिया। कुछ दिन इंतजार के बाद जब महेंद्र के पुत्र की नौकरी नहीं लगी तो उसने सुखसेन व मनोज से पैसा वापस करने के लिए कहा। इस पर सुखसेन व मनोज आज-कल में हो जाएगा कहकर टाल-मटोल करते रहे। काफी इंतजार के बाद वह पुन: सुखसेन व मनोज से पैसा मांगा तो सुखसेन ने तीस हजार रुपये अपने पुत्र के खाते से उसकी पत्नी गिरजा विश्वकर्मा के खाते में 20 जनवरी 2020 को वापस कर दिया, शेष 70000 रुपये वापस करने में वे आना-कानी करते रहे। इसकी शिकायत वह 26 जून 2021 को थाना प्रभारी दरिमा को लिखित में किया था, परंतु उक्त शिकायत पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज के निर्देश पर आरोपितों के विरूद्ध पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।

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