हिंडाल्को कंपनी में काम कर रहे मजदूर के खाते में आया था 1.52 लाख
अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चरहटकला निवासी एक मजदूर का प्रधानमंत्री आवास बनाने का सपना पूरा नहीं हो पाया। मजदूर मकान बनाने के लिए इन दिनों जनपद कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। उसका कहना है कि हिंडाल्को कंपनी में काम के एवज में उसके खाते में पीएफ के एक लाख 52 हजार रुपये मिले थे लेकिन जनपद द्वारा यह कहकर 1 लाख 30 हजार रुपये होल्ड करा दिया गया कि उसने प्रधानमंत्री आवास की राशि निकालने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया। मजदूर का कहना है कि पहली किश्त के रूप में 48 हजार रुपये उसे मिले थे, उससे तकनीकी सहायक ने प्लिंथ लेबल तक आवास बनाया, उसके बाद उसके खाते में पैसे ही नहीं आए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मजदूर के प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि आखिर कहां गई? मजदूर अपने खाते में रकम होते हुए भी बेटी के विवाह में हुए खर्च का कर्ज नहीं उतार पा रहा है।
ग्राम पंचायत चरहट कला निवासी नेपाल नगेशिया समेत अन्य ग्रामीणों के नाम पर वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली थी। नेपाल नगेशिया हिंडाल्को के बॉक्साइट खदान में श्रमिक था। मनरेगा के तात्कालिक तकनीकी सहायक रामप्रताप लकड़ा ने नेपाल नगेशिया, रामबली नगेशिया सहित अन्य ग्रामीणों के आवास को ठेका में लेकर बनाने की जिम्मेदारी ली थी। किसी तरह से तकनीकी सहायक ने नेपाल नगेशिया सहित अन्य के आवास का प्लिंथ लेबल तक कार्य कराया, इसके बाद खाते में आई प्रथम किस्त की राशि 48 हजार रुपये बैंक से आहरण करवा कर काम बंद कर दिया और वह गांव में आना-जाना भी छोड़ दिया। हितग्राहियों ने कई बार उससे सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हुआ। इंतजार में हितग्राहियों के मकान आज भी उसी हालत में पड़े हैं।
इधर नेपाल नगेशिया हिंडाल्को कंपनी का काम छोड़ दिया था। कंपनी में उसके पीएफ का एक लाख 52 हजार रुपये जमा था। जनपद कार्यालय कुसमी ने उसके खाते में जमा पीएफ के एक लाख 52 हजार में एक लाख 30 हजार रुपये इस आधार पर होल्ड करवाया है कि उसने प्रधानमंत्री आवास की राशि तो आहरित कर ली, लेकिन आवास नही बनाया है। जब तक उसके द्वारा आवास का कार्य पूर्ण नहीं किया जाता हैं तब तक वह अपने पीएफ के एक लाख 30 हजार रुपये आहरण नहीं कर सकता है।

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