सूरजपुर। कोतवाली में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की कारगुजारियों से पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। हालत यह है कि उसके कारनामो से अधिकारियों तक को जबाव देते नही बन रहा है। बताया गया है कि उक्त प्रधान आरक्षक कोरिया जिले से सुर्खियां बटोर कर यहां सूरजपुर जिले में चंद दिनों में ही काफी चर्चित हो चला है। सूत्रों के मुताबिक  11 अप्रैल को दो गांजे के डीलर गांजे का सप्लाई करने सोनपुर पहुंचे थे। गांजा देकर वापस लौटते समय प्रधान आरक्षक के द्वारा उन्हें धर दबोचा और कोतवाली थाना ले आया गया। जहां चर्चा है कि उन्हें लेनदेन करके उन्हें छोड़ दिया गया। इसकी जानकारी न हीं जिले के कप्तान को है और नहीं कोतवाली थाना प्रभारी को है। जब इस मामले की जानकारी  पत्रकारों को लगी तो  उन्होंने संबंधित प्रधान आरक्षक से मामले के संबंध में जानना चाहा तो  उलूक जुलूल जवाब देकर थाना से जानकारी लेने की नसीहत दी गई। मगर अब तक उक्ताशय की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज नहीं की गई है।

सच्चाई जानने की जाएगी तहकीकात
गांजा की सूचना पर रेड की कार्रवाई की गई थी। परंतु उक्त व्यक्ति के पास गंजा नहीं होने की जानकारी दी गई। कोई लेनदेन की गई है ऐसी कोई  जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है।  सच्चाई क्या है यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा।                        बसंत खलखो                      कोतवाली प्रभारी

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