मनरेगा में सर्वाधिक हितग्राही मूलक कार्य कराने में जशपुर को मिला यह स्थान

मनरेगा में सर्वाधिक हितग्राही मूलक कार्य कराने में जशपुर को मिला यह स्थान
कोरोना त्रासदी में ग्रामीण इलाकों में काम मिलने से लोगों में खुशी का अहसास

Tanweer Alam जशपुरनगर. कोरोना कोविड-१९ वायरस की इस लड़ाई में सबसे अधिक परेशान मजदूर वर्ग है। मीलों-मील का सफर तय कर मजदूर अपने घर लौट रहे हैं और उनके सामने सबसे बड़ी संकट खुद को जिंदा रखने के लिए एक अदद रोजगार की जरूरत है। मजदूरों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने मनरेगा के तहत गांव में रहने वाले मजदूरों को अधिक से अधिक काम देने में भूपेश बघेल सरकार की तारीफ तो हो ही रही है। वहीं इस मामले में प्रदेश में जशपुर को भी अलग और पहला स्थान हासिल हो गया है। दरअसल लॉक डाउन के दौरान ८७ हजार ७५६ मजदूरों को हितग्राही मूलक काम देने में जशपुर को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। जिले के ४४४ ग्राम पंचायतों में से ४०७ ग्राम पंचायतों में १० मई तक ८७ हजार ७५६ मजदूरों के कार्य का पंजीयन हुआ है। वहीं इसमें सर्वाधिक २१ हजार ९५७ मजदूरा बगीचा विकासखंड में मजदूरी कर रहे हैं और सबसे कम फरसाबहार विकासखंड में ६ हजार १०३ मजदूर काम कर रहे हैं। इस संबंध में जिला कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि जिले को मनरेगा के उत्कृष्ठ कार्य के लिए फिलहाल पहला स्थान प्राप्त है और हम इसे बरकरार रखते हुए मजदूरों को अधिक से अधिक काम देने पर ध्यान दे रहे हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग पर फोकस
जशपुर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के बताया कि लॉकडाउन में मनरेगा कार्यो के दौरान सामाजिक दूरी का पूर्णत: पालन किया जा रहा है। जिले में पर्याप्त मात्रा में कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है, ताकि श्रमिकों को पर्याप्त कार्य उपलब्ध कराया जा सके। स्थानीय स्तर पर कार्य के दौरान मास्क पहनने और सैनिटाइजर का उपयोग कराने के लिए सचिवों और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया गया है। वहीं जिला पंचायत जशपुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के. एस. मण्डावी ने बताया कि जिला में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा कार्यो का संचालन सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्यस्थल पर मास्क व सेनिटाइजर का उपयोग करते हुए कार्य किया जा रहा है।
३० मई तक काम की समय-सीमा
हितग्राही मूलक कार्यो को प्राथमिकता देते हुए जल संरक्षण व जल संवर्धन तथा सामुदायिक कार्यो को भी कराया जा रहा है। आगामी बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए 30 मई की समय सीमा निर्धारित करते हुए पत्र जारी कर समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यंात्रिकी सेवा, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, समस्त इंजीनियर व तकनीकी सहायकों के साथ ग्राम सचिव और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया गया है कि इन कार्यो को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाए।
इन कार्यों पर लगे हैं ८७,७५६ मजदूर
मनरेगा के जिला एपीओ शशिकान्त गुप्ता ने बताया कि मनरेगा के तहत हितग्राहीमूलक कार्यो को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हुए कराया जा रहा है। १० मई की स्थिति में 8७,७५६ श्रमिक मनरेगा अंतर्गत जिले में नियोजित है हितग्राही मूलक कार्यो को प्राथमिकता देने में जशपुर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। हितग्राही मूलक कार्यो में कुआं, निजी डबरी, मुर्गी शेड, बकरी शेड, पशु शेड, भूमि सुधार, अंजोला टैंक, वर्मी कम्पोस्ट पिट, नाडेप टंकी आदि कार्य कराए जा रहे है। इन कार्यो के साथ ही जल संवर्धन और संरक्षण के कार्यो में सामुदायिक तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, लघु सिंचाई तालाब, गली प्लग, गेबियन संरचना, लूज बोल्डर चेक डेम, कण्टूर ट्रेंच के अतिरिक्त गौठान एवं चारागाह निर्माण के कार्य भी कराएं जा रहे है। मनोरा विकासखंड के पीओ संतोष कुमार गाड़ा ने बताया यहां ९१५६ मजदूर काम कर रहे हैं।
यहां कार्यरत हैं ८७ हजार ७५६ मजदूर
ब्लॉक मजदूरों की संख्या
१. बगीचा २१९५७
२. पत्थलगांव १३७१८
३. कुनकुरी ११२५४
४. कांसाबेल ९५८८
५. मनोरा ९१५६
६. जशपुर ८५९४
७. दुलदुला ७३८६
८. फरसाबहार ६१०३
कुल ८७७५६

लॉक डाउन के दरम्यान जिले में कुल ८७,७५६ मजदूर कार्य कर रहे हैं यह जिले के लिए खुशी की बात है। १५ दिनों के भीतर मजदूरों को भुगतान भी किया जा रहा है पैसे की दिक्कत नहीं है।
निलेश क्षीरसागर, कलेक्टर जशपुर

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