लॉकडाउन में आवागमन के साधन बंद, पैदल ११० कीमी चलने को मजबूर

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अंबिकापुर. कोरोना वायरस पूरे विश्व में तबाही मचा कर रखा है। छत्तीसगढ़ में ६ पॉजिटिव केस मिलने से हडक़ंप मचा हुआ है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण व इससे बचाव के लिए सरकार ने पूरे भारत में लॉकडान घोषित कर दिया है। इससे ट्रेनों व बसों की परिचालन बंद कर दिया गया है। आवागमन का साधन बंद हो जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोग प्रदेश के अलग-अलग जिले में फंसे हुए हैं। अंबिकापुर में फंसे आधा दर्जन मजदूर गुरुवार को जब कोई साधन नहीं मिला तो वे पैदल ही रामानुजगंज जाने के लिए निकल पड़े। परिवार की चाहत व बीमारी का डर ११० किमी पैदल चलने पर मजबूर कर दिया। सभी लोग अंबिकापुर में रहकर मजदूरी का काम करते थे। लॉकडान में काम बंद हो जाने के कारण रोजी राटी की समस्या सामने आनी लगी थी।
कोरोना वायरस को लेकर पूरे प्रदेश में लॉक डाउन से लोग दहशत में हैं। काम बंद होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। २१ दिनों की लॉक आउट की घोषणा से लोग घबरा गए हैं। शहर के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा झारखंड-बिहार से भी लोग मजदूरी करने अंबिकापुर आते हैं। लॉक डाउन में काम पूरी तरह बंद हो जाने क कारण मजदूरों को काफी परेशानी उठाना पड़ रहा है। लोग घबरा कर घर जाने की मन बना रहे हैं पर बसों का परिचान नहीं होने वे अपने घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लॉक डाउन में एक जिले से दूसरे जिले में भी जाना मुश्किल हो गया है। इस दौरान गुरुवार को करीब आधा दर्जन मजदूर गांधी चौक पर एक साथ दिखे। सभी के कंधे पर बैग व कोरोना वायरस से बचने के लिए अपना चेहरा बांधे हुए थे। पूछे जाने पर लोगों ने बताया कि कोई साधन नहीं मिलने पर पैदल ही अंबिकापुर से रामानुजगंज जाने के लिए निकल पड़े हैं। मजदूरों ने बताया कि पैदल घर पहुंचने में २२ से २५ घंटे लग जाएगा।

परिवार वाले हैं परेशान
मजदूरों ने बताया कि हमलोग अंबिकापुर में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। चार-पांच दिनों से पूरी तरह बंद हो जाने से काम भी नहीं चल रहा है। काम काज पूरी तरह बंद हो जाने से रोजी रोटी की भी समस्या उत्पन हो गई है। घर से भी परिवार वालों का लागातार फोन आ रहा है। घर वाले भी डरे हुए हैं। इस कारण पैदल ही घर जा रहा हूं।

बंदी व बीमारी फैलने की सूचना पर परिवार वाले भी काफी परेशान हैं। परिवार वालों हमे किसी भी हालत में घर बुला रहे हैं। इधर काम भी नहीं चल रहा है। इस कारण साधन नहीं मिलने पर पैदल की घर के लिए निकल पड़े हैं।
विजय कुमार, मजदूर

अंबिकापुर के विशिनुपर में रहकर मजदूरी का काम करते थे। पिछले चार पांच दिनों से काम बंद हो गया है। शहर भी बीमारी फैलने के कारण बंद पड़ा हुआ है। बीमारी का भी डर सता रहा है। इस कारण साधन नहीं मिलने पर पैदल निकले हैं
अजय, मजदूर

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