कंज्यूमर पंप बंद होने से सीधा असर कोयला उत्पादन और परिवहन पर

अंबिकापुर। सरगुजा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने बताया है बीपीसीएल, इंडियन आयल और एचपीसीएल, तीनों कंपनियों की तरफ से पेट्रोल डीजल की सप्लाई के लिए जनवरी और फरवरी में खपत को आधार मानकर लिमिट तय कर दिया है। हालांकि, यह लिखित में कहीं नहीं है। इससे गंभीर समस्या हो गई है। एसोसिएशन ने सरगुजा कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि, कंपनियों ने जनवरी, फरवरी के आंकड़े के हिसाब से लिमिट तय किया है। अभी शादी के साथ ही खेती का समय होने के कारण मांग बढ़ गई है। इधर ट्रकों और बसों के लिए डीजल देने की लीमिट तय कर दी गई है। 200 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर पेट्रोल पंपों को कंपनी नोटिस भेज रही है और सप्लाई रोकी जा रही है। प्रतिदिन के सेल की लिमिट भी तय है। जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध हंै, उन पेट्रोल पंपों में तेल लेने के लिए गाड़ियों की लाइन लग रही है।

पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, पहले खनन कंपनियां, ट्रांसपोर्टर और क्रशर संचालक, कंज्यूमर पंप के नाम से डीजल मंगाते थे, जो पंपों से 12 रुपये सस्ता था। अब सरकार ने कंज्यूमर पंपों के लिए रेट 132 रुपये प्रति लीटर तय कर दिया है, जो आम पंपों से 35 रुपये ज्यादा है। इसके कारण कंज्यूमर पंप बंद हो गए हैं। पेट्रोल-डीजल की कमी का सीधा असर कोयला उत्पादन और परिवहन पर भी पड़ा है। डीजल का संकट होने के कारण कोयला उत्पादन ठप होने की आशंका है। खदान की मशीनों में बड़े पैमाने पर डीजल का उपयोग होता है। इससे परिवहन पर भी असर पड़ा है। सीमित डीजल मिलने से ट्रेलर-ट्रकें खड़ी हो जा रही हैं।

पेट्रोल पंपों का आर्डर पोर्टल किया लॉक

सरगुजा संभाग में बीपीसीएल के करीब 80 पेट्रोल पंप हैं, जो अधिकांश ड्राई हो गए हैं। इंडियन ऑयल के करीब 150 और एचपीसीएल के करीब 120 पेट्रोल पंप हैं। दोनों कंपनियों ने लिमिट तय कर दी है, जिससे कई पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं, कुछ ड्राई होने के कगार पर आ गए हैं। आगामी दो दिनों में यह संकट और बढ़ सकता है, क्योंकि कंपनियों ने पेट्रोल पंपों का आर्डर पोर्टल लॉक कर दिया है। सरगुजा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, ईरान युद्ध के अलावा पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में पेट्रोलियम कंपनियों को खासा घाटा हो रहा है। डीजल में प्रति लीटर 35 रुपये और पेट्रोल में 18 से 20 रुपये घाटे का अनुमान है। इस कारण कंपनियों ने सप्लाई कम कर दी है। जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, वे दिन के लिमिट के हिसाब से ही तेल दे पा रहे हैं।

 

पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारू, अफवाहों से रहें दूर

जिला खाद्य विभाग द्वारा आम जनता को सूचित किया गया है कि सरगुजा जिले में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस सहित सभी अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य एवं सुचारू रूप से जारी है। इन वस्तुओं की आपूर्ति तेल कंपनियों से नियमित रूप से प्राप्त हो रही है तथा जिले में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि, राज्य स्तर पर भी पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अत: इन आवश्यक वस्तुओं की कमी को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया गया है कि जिले में वर्तमान में कुल 77 पेट्रोल, डीजल पंप एवं 17 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इन सभी माध्यमों से वितरण व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित है। विभाग द्वारा तेल कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखा जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला खाद्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आवश्यकता अनुसार ही सामग्री का उपयोग करें, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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