प्लास्टिक और पटाखा दुकान के साथ आसपास के घरों को पहुंची बड़ी क्षति

रिहायशी क्षेत्र में पटाखा व प्लास्टिक गोदाम के लिए अनुमति को लेकर उठे सवाल

अंबिकापुर। शहर के रिहायसी इलाके में, श्री राम मंदिर भजनाश्रम के सामने गली में गुरुवार की दोपहर मुकेश प्लास्टिक में भीषण आग लग गई, जिसमें दो मंजिला भवन पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में आने से आसपास के आधा दर्जन प्रभावित हुए हैं। जिस प्रतिष्ठान में आग लगी है, वहां लाखों रुपये के प्लास्टिक के सामानों के साथ पटाखों का भंडारण भी किया गया था। आग इतनी भयावह थी कि, 40 दमकल से अधिक पानी की खपत और 10 घंटे बीतने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। आसमान में छाए धुएं का नजारा भरी दोपहरी में 10-12 किलोमीटर के फासले पर मौजूद लोगों ने देखा, और कहीं आग लगने का अनुमान लगाते रहे। आग लगने की घटना में करोड़ों के क्षति का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, भीषण गर्मी के मौसम से राहत पाने के लिए जहां एक ओर घरेलू कामकाज के बाद महिलाएं कूलर, पंखे की हवा ले रही थीं, बच्चे गर्मी की छुट्टियों का आनंद परिवार के सदस्यों के बीच ले रहे थे, इसी बीच गुरूवार को दोपहर करीब 12.45 बजे आस-पास रहने वाले लोगों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी। ऐसा लगा किसी गाड़ी का टायर फटा होगा, और लोग घरों के बाहर निकल आए। बाहर निकले तो मुकेश प्लास्टिक दुकान में भीषण आग लगी थी। यहां प्लास्टिक के साथ पटाखा का भंडारण होने के कारण आग काफी तेजी से फैल गई और देखते ही देखते धुएं का काला गुबार आसमान को छूने लगा। रिहायशी क्षेत्र और संकरी गली में लगी आग की सूचना पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इन्हें मुकेश प्लास्टिक में लगी आग को बुझाने के लिए व्यवस्था बनाने ताकत झोंकनी पड़ी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके तक नहीं पहुंच पाई, और मुख्य सड़क से गली के कुछ अंदर तक जाकर आग बुझाने मशक्कत शुरू की, लेकिन आग इतना भीषण रूप ले चुका था, कि इसे काबू में करना आसान नहीं था। आग बुझाने में लगे कर्मचारी इस बीच बम-पटाखों के तेज धमाके से सहम जा रहे थे, आग विकराल रूप लेते सेकेंड फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर तक पहुंच गई। आग की लपटें और बम-पटाखे के धमाके के कारण आग आस-पास के लगभग आधा दर्जन घरों को चपेट में ले लिया। घटना से आसपास के लोगों में आक्रोश है। रिहायशी क्षेत्र में पटाखा व प्लास्टिक गोदाम के लिए अनुमति कैसे मिली, इसे लेकर लोग सवाल उठा रहे थे। मौके पर आपात स्थिति के लिए एक एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम भी मौजूद रही।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इलाका घनी आबादी वाला है, इसे देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता आसपास के भवनों तक आग को फैलने से रोकने की रही, लेकिन आग की चपेट में आने से मुकेश प्लास्टिक के ठीक पीछे स्थित प्रताप पाण्डेय के घर का एक फ्लोर पूरी तरह से जल गया। सेवानिवृत निरीक्षक प्रमोद पाण्डेय के घर के दो-तीन कमरे, स्टोर, सीढ़ी का कक्ष जल गया, इसके अलावा आग बुझाने की चली कोशिश के बीच काफी सामान भी बरबाद हुआ, इसे नकारा नहीं जा सकता है। इसके पहले परिवार घरों की खिड़कियों से अंदर आदी लपटों को देखकर खतरे का आभास होते ही गैस सिलिंडर सहित ऐसे सामानों को मौके से हटाने में लगे थे, जिससे ब्लास्ट जैसी स्थिति बनने की संभावना थी। इसके अलावा प्रफुल्ल पाण्डेय के बंद घर तक आग की लपट पहुंच चुकी थी, जिसे दमकल कर्मियों ने समय रहते बुझा तो दिया, लेकिन पानी की बौछार से सामानों की क्या स्थिति होगी, इसका आंकलन कर पाना मुश्किल है। कुरैशी गुरूजी के घर का दीवार फट गया और सोफा सहित अन्य सामान जल गया। आसपास के अन्य घरों में रहने वाले लोगों को भी आग से छोटी-बड़ी क्षति पहुंची है।

मंगाए गए अतिरिक्त दमकल, पार्षद ने उपलब्ध कराया जनरेटर

आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियों के साथ एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है। दोपहर करीब पौने एक बजे लगी आग के बाद से लगातार दमकल कर्मियों के द्वारा आग को काबू करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आग पर पूरी तरह से काबू पाने में सफलता नहीं मिल पाई है। आग बुझाने के लिए भारतीय विमानपत्तनम प्राधिकरण के वाहन के अलावा पुलिस के वरूण वाहन व एक दर्जन से अधिक अग्निशामक वाहनों को लगाया गया है। एसईसीएल बिश्रामपुर, कोरिया, चिरमिरी, भटगांव से भी दमकल वाहनों को बुलाया गया है। शाम होने के बाद बनी अंधेरे की स्थिति को देखते हुए पार्षद मेराज गुड्डू के द्वारा बड़ा जनरेटर उपलब्ध कराया गया है, और मौके पर प्रकाश की व्यवस्था करके आग बुझाने का क्रम जारी है। अग्निशामक वाहनों को पानी भरकर आने-जाने में ट्रैफिक का सामना न करना पड़े, इसे देखते हुए बैरीकेड लगाकर मार्गों को अवरूद्ध किया गया है।

मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और कलेक्टर ने कहा

घटना की जानकारी मिलने पर पर्यटन मंत्री, कलेक्टर व एसएसपी मौके पर पहुंचे। मंत्री राजेश अग्रवाल ने आबादी वालेे क्षेत्र में पटाखा व गोदाम को लेकर कहा कि, सड़कें चौड़ी होनी चाहिए, रिहायशी इलाके में गोदाम नहीं होना चाहिए। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि गोदाम में आग लगने की घटना हुई है। आस-पास के घरों को खाली करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी तरह के जान-माल के क्षति की जानकारी नहीं है। आग लगने की वास्तविक वजह क्या है, यह जांच में सामने आएगा। उन्होंने कहा कि पटाखा व प्लास्टिक गोदाम पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने इस घटना को प्रशासन की लापरवाही बताया। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण गंभीर खतरा पैदा करता है और प्रशासन की चूक के कारण ही आग ने इतना बड़ा रूप ले लिया।

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