राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हुए लैंड जेहाद के शिकार, भाजपा जिलाध्यक्ष पहुंचे ग्रामीणों के बीच

अंबिकापुर। जमीन की हवस ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो समाज को भी नहीं छोड़ा, इस अति विशेष जनजाति के लोग अपने हीं गांव में निर्वासित जीने के लिए बाध्य हैं। मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम राजाकटेल, चोड़ेया एवं माजा का है। भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के लखनपुर क्षेत्र प्रवास दौरान ग्राम राजाकटेल के पंडो समाज के सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यथा से अवगत कराया। समाज के लोगों ने बताया कि पुरखों की जमीन को धमकाकर छलपूर्वक बाहरी लोगों ने हड़प लिया है, और जबरदस्ती कब्जा कर लिया है, जो उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र माध्यम और पूर्वजों की एकमात्र धरोहर थी। आज इस जमीन पर पंडो समाज का नहीं बल्कि कुर्बान, ख़ुर्शीद, शफीक, सरफुद्दीन, रज्जाक, रफीक और निसार जैसे सैकड़ों बाहरी लोगों का मुख्य मार्ग से लेकर भीतर खेती-बाड़ी तक कब्जा है ।

आश्चर्य का विषय है कि वर्षों से इस तरह का गतिविधियों से भयभीत पंडो समाज अपनी व्यथा को अभिव्यक्त नहीं कर सका, जबकि संविधान में उल्लेखित है कि आदिवासी वर्ग की भूमि कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति क्रय नहीं कर सकता। इसके उपरांत भी विशेष समुदाय के लोगों ने किस भाव एवं षड्यंत्र के तहत एक पूरे गांव के गरीब पंडो समाज के लोगों के साथ छल करते हुए 70 प्रतिशत से अधिक भू-भाग पर कब्जा कर लिया है, और कुछ लोगों ने आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली है, साथ ही विशेष समुदाय के नाम पर वनभूमि पट्टा बन गया है और उनके नाम पर भूमि का नामांतरण भी हो चुका है। पंडो समाज के लोगों से संवाद करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि समाचार के माध्यम से ज्ञात हुआ कि पंडों समाज के लोगों द्वारा कलेक्टर सरगुजा से मिलकर इस बात की शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र जो अति विशेष जनजाति आदिवासी समाज से आते हैं उनकी पैतृक भूमि अन्य लोगों के नाम पर चली गई, बाहरी लोगों का इस पर कब्जा हो गया। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि बकरियां खरीदने के लिए आए हुए ने आश्रय के लिए झोपड़ी बनाने के लिए जमीन मांगी, और धीरे धीरे पक्के भवन बन गए। आज राजाकटेल के पंडो जनजाति संख्या और जमीन बहुत कम हो गई है । भाजपा जिलाध्यक्ष ने मौके से सरगुजा कलेक्टर एवं राजस्व अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा करके इससे अवगत कराया, और तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी एक-एक इंच जमीन का हिसाब होगा और वापस मिलेगा। इस दौरान जिला महामंत्री विनोद हर्ष, दिनेश साहू, दिनेश गुप्ता, चंद्रिका यादव, निलेश सिंह, अजीत सिंह, जनमेजय मिश्रा, विजय व्यापारी, रवि महंत, दिनेश बारी, निशांत सिंह, खेमराज सिंह, सुरेंद्र साहू, महेश्वर राजवाड़े, सनमान पण्डो सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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