अमसय ब्लास्टिंग से हिल रहा घर, स्कूली बच्चों को साफा में लपेटकर भेज रहे स्कूल 

अंबिकापुर। शहर से लगे ग्राम पंचायत असोला सहित लगभग आसपास के अन्य ग्रामों के लोगों की जिंदगी क्रसर और डामर प्लांट के संचालकों ने तबाह करके रख दी है। सैकड़ों की आबादी रोजाना गिट्टी खनन के लिए किए जाने वाले ब्लास्टिंग से सहमे रहती है। वहीं रोजाना काफी तादाद में गांव के बीच से रफ्तार में गुजरने वाले भारी-भरकम वाहनों के कारण बच्चे सहमे रहते हैं। कई ग्रामीणों के घरों में ब्लास्टिंग से दरार आ गई है, किसी के घर का कच्चा दीवार गिर गया है। पक्के मकानों की भी दुर्गति हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर वे आवाज उठाते हैं तो धमकी-चमकी का उन्हें सामना करना पड़ता है।

अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत असोला, सोनपुर, रनपुर, रजपुरी खुर्द, देवगढ़ ऐसे ग्राम हैं, जहां हजारों की बसाहट है। इस इलाके के ग्रामीण बताते हैं कि उनकी बसाहट के बीच जब से क्रशर और डामर प्लांट का संचालन होने लगा है, उनकी जिंदगी खतरे में पड़ गई है। क्रशर संचालकों के द्वारा कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के ब्लास्टिंग कर दिया जाता है, जिससे उनके घर की दीवारें और दरवाजे, खिड़की हिलने लगता है, ऐसा लगता है, जैसे भूकंप आया हो। खपैरल मकानों में रहने वाले लोगों की जिंदगी तो खतरे में रहती ही है, पक्के मकानों में रहने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन लोगों ने पक्का मकान तैयार किया है, उनमें भी दरारें आ गई हैं। कई कच्चे मकानों का तो और भी बुरा हाल है। रितु पैकरा बताती है कि उसके कच्चे मकान का दीवार ब्लास्टिंग के दौरान गिर गया। भारी वाहनों के आने-जाने से स्थिति ऐसी है कि वे एक मिनट भी घर के बाहर नहीं रह सकते हैं। तेज रफ्तार में पंचायत के कच्चे रास्ते से गिट्टी, डामर, मिट्टी, मुरम लोड भारी वाहनों का आना-जाना होता है। इसी मार्ग से लगा प्राथमिक पाठशाला है, बच्चों को स्कूल जाना हो, तो धूल-धुसरित होने से बचाने के लिए गमछा लपेटकर भेजते हैं। घर के बच्चों को वे खुली हवा में खेलने के लिए नहीं भेज सकते, क्योंकि कब वे किस वाहन के चपेट में आ जाएंगे, कहना मुश्किल रहता है। जानकी, सोनू यादव ने कहा कि अगर पीने के लिए पानी लेकर आना हो, तो उसे अच्छी तरह से ढककर लाना पड़ता है, नहीं तो पानी का रंग ही बदल जाता है। धूप में कपड़ा सुखाना और घरों के अंदर तक धूल प्रवेश करने से खाना-पीना तक दुश्वार है। घरों की रंगत बदल गई है।

कलेक्टर ने जांच, कार्रवाई के लिए किया आश्वस्त

मंगलवार को जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव के साथ प्रभावित ग्रामों के ग्रामीण कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचे और क्रशर, डामर प्लांट के भारी-भरकम वाहनों का आवागमन होने से पंचायत के सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने की ओर ध्यानाकर्षण कराया। इन्होंने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों को प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। इसी सड़क में प्राथमिक शाला होने के कारण तेज रफ्तार में चलने वाली बड़ी वाहनों से दुर्घटना का खतरा बने रहता है। क्रशर के संचालकों द्वारा सड़क में पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। सड़क की स्थिति बहुत ही खराब है, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने भारी वाहनों का पंचायत की सड़कों पर आवागमन रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी करने और नवीन सड़क निर्माण की मांग की है। कलेक्टर ने इन्हें मौके पर एसडीएम को जांच के लिए भेजने का आश्वासन दिया है।

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