अंबिकापुर – शहर के उर्सु लाइन स्कूल के पास चिट फंड कंपनी बीएन गोल्ड रियल एस्टेट एंड एलाइड संचालित था। वर्ष २००९ से १५ तक संभाग के लगभग ५ हजार ८ सौ ६ निवेशकों को कम समय में रुपए दुगुना करने का झांसा देकर लगभग ९ करोड़ ८२ लाख ८४ हजार ८१६ रुपए निवेश करवाया था। शिकायत मिलने पर मिला प्रशासन द्वारा टीम बनाकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसके बाद से कंपनी को बंद करा दिया गया था। इस मामले में गांधीनगर थाने में कंपनी के डायरेक्टर्स पर धारा ४२०, ३४, आईपीसी ४,५ चिट फंड अधिनियम की धारा १० अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस मामले में कंनी के दो लोगों को पुलिस ने बिलासपुर व कोराबा से गिर तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल दाखिल कर दी है। वहीं शेष आरोपियों की तलाश कर रही है।


जानकारी के अनुसार वर्ष २००९ से १५ तक शहर के उर्सु लाइन स्कूल के पास बीएन गोल्ड रियल एस्टेट एवं एलाइड कंपनी संचालित था। कंपनी के डायरेरक्टर्स सहित कई लोग कार्यरत थे। सभी ने संभाग में जाकर काफी कम समय में रुपए दुगनी करने का झांसा दिया गया था। कंपनी के झांसे में आकर ५८०६ निवेशकों ने रुपए दुगना करने के लिए कुल ९ करोड़ ८२ लाख ८४ हजार ८१६ रुपए जमा किया था। इसके बाद से कंपनी द्वारा निवेशकों को रुपए वापस करने में आना कानी करने लगी। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन की टीम ने वर्ष २०१५ में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर बंद करा दी थी। वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर गांधीनगर थाने में कंपनी के खिलाफ ४२०, ३४, आईपीसी ४,५ चिट फंड अधिनियम की धारा १० अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी।

बिलासपुर व कोरबा से दो गिरफ्तार
गांधीनगर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। एसपी के निर्देश पर गांधीनगर टीआई ने गिरफ्तार के लिए टीम को रवाना किया था। पुलिस ने १७ जुलाई को कंपनी के डायरेक्टर बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हार निवासी ५५ वर्षीय चैतराम केवट पिता रामप्रसाद व कोरबा जिले के कोथरी निवासी ५५ वर्षीय गोपाल दास मानिकपुरी पिता मथुरा दास को गिर तार कर अंबिकापुर लाया गया। पुलिस ने दोनों आरोंपियों को कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

कंपनी के शेष डायरेक्टर्स की तलाश जारी
कंपनी के मई डायरेक्टस व एजेंट की बहाली की गई थी। पुलिस ने सभी पर धोखधड़ी का अपराध दर्ज किया है। वहीं पुलिस शेष डायरेक्टर्स की तलाश कर रही है। वहीं पुलिस को जानकारी मिली है कि कंपनी का एक डायरेक्टर कोरबा जिले के मानिकपुर निवासी ५२ वर्षीय संतोष दास की मौत वर्ष २०११ में हो गई है।

Categorized in: