कोरोना काल में प्रशासन की अनुमति के बगैर एनएसयूआई द्वारा निकाली गई जन अधिकार रैली पर उठाया सवाल

मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान के छत्तीसगढ प्रदेश सह संयोजक श्रीमति चम्पादेवी पावले ने एक बयान जारी कर कांग्रेस की राजनैतिक मनोदशा को निम्न स्तर का बताया ! उन्होनें कांग्रेस के कार्यशैली से अचरच जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ट्रेक्टर में सोफा लगाकर उसमें बैठकर ड्रामेबाजी करते हैं, तो वहीं बेटियों का इ॑साफ मांगने के लिये चुनावी समीकरण का राजनैतिक चाल चल रहे हैं ! इनके बयानों और झूठी क्रियाकलापों का उनके ही पार्टी के मंत्री अपने राज्यों में दुष्कर्म जैसे घटनाओं में अंतर स्पष्ट करते छोटी-बडी का संज्ञा देकर कांग्रेस पार्टी का वास्तविक मनोदशा को जाहिर कर रहे हैं। चम्पादेवी पावले ने कहा कि छत्तीसगढ के बलरामपुर और केशकाल की घटनाओं में कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं (राहुल गांधी, प्रियंका गांधी) का छत्तीसगढ में प्रदर्शन न करना और न ही बयान देना इनके वास्तविक परिचय व विचारों की पुष्टि करता है। साथ ही इनके मंत्री द्वारा अपने प्रदेश के दुष्कर्म के घटनाओं को छोटी घटना कह कर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है जो इनकी दोहरा मापदण्ड ओछापन राजनैतिक मनोभाव को दर्शाता है। इसके अलावा छत्तीसगढ प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं किसानों से छलावा कर किसानों की बर्बरतापूर्वक कार्यशैली से अंजान बन रही है! चम्पादेवी पावले ने एनएसयूआई को भी आडे हाथों लेते हुए कहा कि मनेन्द्रगढ में कोरोना काल में भारी भीडकर ट्रेक्टर, बाइक और कारों से रैली निकालने वाले यह भूल गये कि इन्हीं की सरकार ने किसानों को धान बिक्री का सम्पूर्ण भुगतान नही कर सकी है।भयावह कोरोनाकाल में सत्ताबल का दुरूपयोग कर बिना अनुमति के जो नगर को संक्रमित करने जो प्रयास किया गया है,वह निश्चित ही गैर जिम्मेदाराना ढंग है।असल मायने में कांग्रेस बेटियों का परवाह करती है तो दुष्कर्म जैसे घटनाओं आखिर तीन माह बाद जांच क्यो होती हैं? किसानों का अगर कांग्रेस को परवाह है तो,2500रू का संपूर्ण भुगतान अब तक क्यों नही? किसानों के साथ प्रदेश सरकार अपराधी जैसे बर्ताव क्यों कर रही है? भयावह कोरोना काल में बिना अनुमति रैली निकाल किसान हितैषी बनने की ढोंग आखिर क्यों?

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