रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरेना संक्रमण को देखते हुए नगर के गांधी मैदान में लगने वाले सब्जी बाजार को जिले में लगे लॉकडाउन के पूर्व से ही गांधी मैदान से हाई स्कूल मैदान में कर दिया गया था तब से लेकर आज तक सब्जी विक्रेता परेशान हो रहे हैं। पहले सब्जी दुकान खुलने का समय कम था तो परेशानी भी कम थी परंतु अब समय ज्यादा बढ़ जाने के कारण परेशानी भी ज्यादा बढ़ गई है हाईस्कूल मैदान में स्थिति ऐसी निर्मित हो जा रही है कि 10 बजे के बाद यहां खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है ऐसे में सब्जी विक्रेता सब्जी बेचने के लिए कैसे वहां बैठते होंगे समझा जा सकता है। इस ओर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में लगे लॉकडाउन के बाद सब्जी दुकान प्रतिदिन हाईस्कूल मैदान में सुबह 6 बजे से 10 बजे तक खुल रही थी जब सब्जी दुकान इस समय तक खुलती थी तब सब्जी दुकानदारों की परेशानी कम थी क्योंकि अधिक धूप होने से पहले अपनी अपनी दुकानें उठा लेते थे परंतु एक जून से लॉकडाउन खत्म होने के बाद शाम 5 बजे तक सब्जी सभी सब्जी विक्रेताओं को वही बैठना पड़ रहा है जिस कारण उनकी परेशानी अब ज्यादा बढ़ गई है दिन भर में तपती धूप में बैठना सजा के समान हो गया है परंतु उनके सामने अभी कोई विकल्प भी नहीं है एक तरफ उन्हें आमदनी की चिंता है तो दूसरी ओर बैठना भी मुश्किल हो रहा है। प्रशासन को सब्जी विक्रेताओं की समस्याओं की ओर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

धूप से परेशान होकर हाई स्कूल मैदान पहुंच मार्ग में ही लगाने लगे सब्जी दुकान……… हाईस्कूल मैदान में धूप ऐसा सब्जी विक्रेताओं को लग रहा है कि वहां 1 दिन भी सब्जी लगाना बहुत मुश्किल है ऐसे में कल से सब्जी विक्रेता हाई स्कूल मैदान में पहुंचने वाले रास्ते में ही सब्जी बाजार लगा दिए हैं इसके अलावा उनके पास दूसरा विकल्प भी नहीं था।

बीमार भी पड़ रहे हैं सब्जी विक्रेता…….. दिन भर तपती धूप में रहने से कई सब्जी विक्रेताओं का तबीयत भी बिगड़ रहा है जिस कारण सब्जी विक्रेताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं एक तरफ रोज कमाने का दबाव दूसरी ओर धूप से हैं परेशान उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें।

बरसात में 1 दिन भी सब्जी बाजार लगाना होगा मुश्किल…….. आने वाले बरसात के समय में 1 दिन भी सब्जी बाजार यहां लगाना मुश्किल होगा क्योंकि बीते दिनों जब बारिश हुई थी तब स्थिति ऐसी हो गई थी यहां की पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था जैसे तैसे सब्जी विक्रेता बाजार लगाए थे वही क्रेता भी बहुत मुश्किल से खरीदारी किए थे।

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