महामना मालवीय मिशन सरगुजा द्वारा आध्यात्मिक संवाद तथा गीता पाठ का आयोजन
अंबिकापुर। महामना मालवीय मिशन सरगुजा के तत्वावधान में आध्यात्मिक संवाद तथा गीता पाठ का आयोजन बीएल गुप्ता के निवास में हुआ, जिसमें नगर के विद्वत एवं प्रबुद्धजन उपस्थित हुए और गीता के अध्याय 9 का पाठ एवं आध्यात्मिक संवाद के माध्यम से सम-सामयिक विषयों पर प्रकाश डाला।
शिक्षावृंद ब्रह्म शंकर सिंह ने कहा कि ईश्वर के प्रति शरणागत होना और नित्य कर्म में निरंतरता से व्यक्ति के अन्दर श्रद्धा का भाव उत्पन्न होता है। प्रतिदिन व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में कुछ ऐसा कार्य प्रारंभ करें, जिससे ईश्वर के प्रति लगाव बना रहे। 5 मिनट के लिए भी ध्यान योग करता है, तो व्यक्ति के विचारों में शुद्धता आती है। ललित मोहन तिवारी ने कहा जो व्यक्ति गीता का पाठ करता है उसे अन्य पूजा पाठ की अवश्यकता नहीं है। भगवान श्रीकृष्ण के स्मरण मात्र से व्यक्ति में शुद्धता का संचार होने लगता है। दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि सामूहिक आध्यात्मिक संवाद में उपस्थित होने से व्यक्ति के विचारों में बदलाव आता है। राजकुमार गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति कर्म से महान बनता है। इसलिए व्यक्ति को अपने कर्मों में ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन करते करते हुए राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में समाज की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भारतीय संविधान में कानून भी है परन्तु भ्रष्टाचार रूकता नहीं। इस विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है। आध्यात्मिक विचारों का समावेश होने से व्यक्ति के विचारों में बदलाव आता है। विचारों के बदलाव से भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है। कुटुंब प्रबोधन के जिला प्रमुख दीनदयाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार को एक साथ जोड़कर रखना, सुसंस्कारी परिवार का निर्माण हो। परिवार को विखंडन से बचाने जैसे पहल की आवश्यकता है। टेलीविजन व मोबाइल ने परिवारिक संवाद को समाप्त कर दिया है। इस समस्या का निदान भी हम जानते हैं परन्तु अमल नहीं करते। ऐसे तथ्यों पर चिंतन करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मदनमोहन मेहता, आरएन अवस्थी, अशोक सोनकर, जय प्रकाश चौबे, हरिशंकर सिंह उपस्थित रहे।

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