बैकुंठपुर। प्रदेश के भूपेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा विकास के तहत जल जंगल और जमीन को संरक्षित करने हेतु बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके मद्देनजर बीहड़ वनों,सहित असिंचित और बंजर भूमि को भी सिंचित भूमि करने की ओर एनिकट, तालाब,बांध, मिट्टी चेक डेम, स्टाप डेम का जोरशोर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिसके मद्देनजर 2021-22 में बैकुंठपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर अंतर्गत दुर्गापुर में एक नाले में एनिकट का निर्माण कराया गया था।आपको बता दें की जिस नाले पर वन विभाग द्वारा यह एनिकट का निर्माण कराया गया है।आज वह उस क्षेत्र के एक बड़े और असिंचित रकबे को सिंचित करने की बड़ी महारत हासिल कर चुका है। बड़ा कैचमेंट एरिया भराव क्षेत्र होने के कारण वहां पर बसी आबादी के लिए भूमि सिंचाई सुविधा तो उपलब्ध करा ही रहा है। साथ ही इस एनिकट का बड़ा भराव क्षमता होने के कारण वहां के आसपास का जल स्तर भी काफी बढ़ेगा ऐसे आसार भी हैं। इसी तरह बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र द्वारा दुधानिया में भी एक ऐसा ही एनिकट बनाया गया है जिस एनिकट की उपयोगिता का और सुविधा का बखान वहां के आम ग्रामीणों से उनकी जुबानी सुना जा सकता है। हमने दोनो जगहों का दौरा किया और शासन की महत्वपूर्ण नरवा योजना से मिली सुविधाओं के लाभ को वहां के कृषक और ग्रामीणों से जाना और समझा की धरातल पर नरवा योजना असल में काफी कारगर साबित हो रही है। आपको बता दें की विगत पखवाड़े में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कोरिया वन मंडल के नरवा विकास योजना का जायजा लिया था और योजना के सफल क्रियान्यवयन और गुणवत्ता के लिए वन मंडल के कार्यों की सराहना भी किए थे। दुर्गापुर के एनिकट की लागत राशि और एनिकट की उपयोगिता दोनो का आंकलन करें तो इतने कम राशि में ऐसी बेहतर सिंचाई की सुविधा उपलब्धि और मिशाल लगती है।

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