छ.ग.फ्रंटलाइन
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की पहल पर सरगुजा के कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया जा रहा है। आज 26 अगस्त को अंबिकापुर में ‘लड़े हैं जीते हैंÓ कार्यक्रम के अंतर्गत इन्हें सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह में कोविड-19 के विषमकाल में योगदान देने वाले सरगुजा के चिकित्सा विभाग, पुलिस विभाग, नागरिक, समाज, नगर निगम और अन्य विभागों के सभी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। मीडिया कर्मी, पंचायत, राजस्व, शिक्षा, महिला बाल विकास विभाग के साथी व मितानिनों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की तरफ आयोजित है, जो सुबह 11 बजे से अंबिकापुर के पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में होगा। जिन कोरोना वारियर्स को सम्मानित किया जा रहा है उनमें वो डॉक्टर शामिल हैं जिन्होंने परिवार से दूर रहकर मरीजों की सेवा की। वो नर्स और अस्पताल के स्टाफ हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में संक्रमित मरीजों की देखभाल की। क्रिटिकल मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए फार्मेसी के कर्मचारी भी मुस्तैद रहे। कंटेनमेंट जोन में जाकर संक्रमितों को चिह्नित कर उन्हें किट वितरित करने वाले अस्पताल कर्मियों ने बड़ा विषम समय देखा। डर सेे लोग सहयोग नहीं करते थे, उनके साथ दुर्व्यवहार भी होता था, इसके बावजूद इन्होंने हार नहीं मानी। इसी तरह मीडिया कर्मी, मितानिनें, नगर निगम के अलग-अलग विभागों के कर्मियों ने खुद को जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की। उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इनके योगदान को समझा, सराहा और उन्हें सम्मानित करने की पहल की। 26 अगस्त को लड़े हैं-जीते हैं कार्यक्रम में इन वारियर्स को सम्मानित करने के साथ-साथ परिचर्चाएं होंगी। मुख्य रूप से जिले के डॉक्टर्स अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही जिले के गणमान्य नागरिक भी परिचर्चा में शामिल होकर अपने अनुभव साझा करेंगे। यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जिसमें गुमनाम कोरोना वारियर्स को पहचान कर उन्हें उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले में अचानक आई आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे, लेकिन सबके सामूहिक प्रयासों से इस विषम परिस्थितियों में लोगों को बचाने के लिए सार्थक कदम उठाए गए।

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