कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोलकात्ता से किया गिरफ्तार, कंपनी के डायरेक्टर, एमडी पति-पत्नी पुलिस गिर त से बाहर

अंबिकापुर – रकम दुगना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार करने में कोतवाली पुलिस को सफलता हाथ लगी है वही ठगी करने वाले मु य आरोपी पति.पत्नी मौके से फरार है दरअसल 2016 में रकम दुगना करने का झांसा देकर ठगी करने की शिकायत पीडितों द्वारा कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान आरोपी पुलिस की गिरफ्तार से दूर रहे एएकोतवाली थाने में नव पदस्त महिला टीआई तरसिला टोप्पो के प्रभार स हालते ही कोतवाली पुलिस ने करोड़ो की ठगी करने वाले तीन लोगों को कलकत्ता से गिर तार कर थाने ले आई है वही मामले में मु य आरोपी पति पत्नी अभी भी पुलिस की पहुच से दूर है।

गौरतलब है कि सरगुजा में कई चीटफंड कंपनिया आकर यहां की भोली भाली जनता की करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गई है। लोग काफी कम समय में रुपए दोगुनी हो जाने के झांसे में पड़कर अपनी कमाई जमा कर देते हैं और कंपनी रुपए लेकर फरार हो जाती है। वर्ष २०११ से २०१४ के बीच अंबिकापुर स्थित नमनाकला में एमआई हेल्थ केयर नाम से एक चीटफंड कंपनी संचालित थी। कंपनी के एमडी निमई विश्वास व उसकी पत्नी डायरेक्टर अर्चना विश्वास थी। दोनों पति पत्नी कंपनी के सहयोगी सलिल राम चौधरी, अनिल पोद्दार व जहांगिर मनिता के साथा मिलकर सरगुजा में पहले एजेंट तैयार किया और एजेंट के माध्यम से लोगों को काफी कम समय में रुपए दोगुना करने का झांसा दिया गया। लोग झांसे में आकर दर्जनों लोग करोड़ों रुपए कंपनी में निवेश किया था। कंपनी के पास जब करोड़ों रुपए जमा हो गया तो यहां से कंपनी फरार हो गई। वर्ष २०१६ में पीडि़तों ने इसकी शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई थी। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने सलिल राम चौधरी, अनिल पोद्दार व जहांगिर मनिता को कोलकात्ता से गिर तार कर लिया है। जबकि कंपनी के एमडी निमई विश्वास व उसकी पत्नी डायरेक्टर अर्चना विश्वास अभी भी पुलिस गिर त से बाहर है। कोतवाली प्रभारी ने बताया की एमआई हेल्थ केयर प्रोडक्ट के नाम से कलकत्ता में कंपनी चला रहे थे। मगर छत्तीसगढ़ में आकर आरोपी बैंकिंग का कार्य शुरू कर आरोपियों द्वारा लोगों को रकम दुगना करने का लालच देकर उनकी गाड़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे थे। जिसमें कार्यवाही करते हुए कोतवाली की टीम ने कंपनी के चैयरमैन व डायरेक्टर सहित एक आरोपी को गिर तार कर थाने ले आई है।

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