घटना के समय कुछ फासले पर लगे सीसीटीवी से छेडख़ानी का अंदेशा जता रहे लोग

अंबिकापुर। महामाया मंदिर के पास तालाब मार्ग में रहने वाले घुमंतू व्यापारी की ओमिनी कार को बुधवार-गुरूवार की दरम्यानी रात लगभग एक बजे अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। आग की लपट पक्के मकान के भीतरी हिस्से तक पहुंच रही थी, इस पर पड़ोसी की नजर पड़ी और उसने ओमिनी स्वामी को वाहन में लगी आग से अवगत कराया। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह बोर का पानी चालू कर के आग को बुझाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ओमिनी में भरा गैस सिलिंडर रखा था, जो समय रहते आग नहीं बुझाने पर विस्फोट हो सकता था और बड़ी जनहानि हो सकती थी। आगजनी से ओमिनी के स्वामी को तीन लाख से अधिक की क्षति पहुंचने का अनुमान है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महामायापारा निवासी शंभू प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के सन्ना से वापस आने के बाद उन्होंने अपनी मारूति ओमिनी वेन क्रमांक सीजी 04 एच 8136 को घर के सामने खड़ी कर तिरपाल से ढक दिए थे। वेन के अंदर उनका स्वयं का और सन्ना बाजार से आए मकबूल अंसारी, दानिश, शहादत, आनंद गुप्ता का सामान रखा था, जिसे लेकर उन्हें गुरूवार को डांडगांव मेला में जाना था। बुधवार की देर रात एक बजे पड़ोसियों के माध्यम से उन्हें वेन में आग लगे होने की जानकारी मिली तो वे घर से बाहर निकले और पास-पड़ोस के लोगों की मदद से बोर का पानी चालू करके आग को बुझाया, लेकिन तब तक गाड़ी सहित अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया था। अगर दस मिनट और विलंब होता तो घर के अंदर रखे सामानों में आग पकडऩे से बड़ी जनहानि हो सकती थी, वहीं सिलिंडर के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था।
सीसीटीवी में दो घंटे नहीं हुई रिकार्डिंग  
शंभू प्रसाद गुप्ता व पास-पड़ोस के लोगों का कहना है कि घटनास्थल से कुछ फासले पर संजय सोनी के यहां सीसीटीवी लगा है, जिसमें मोटरसाइकिल से कुछ लोगों के आने की धुंधली तस्वीर कैद है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सीसीटीवी में कुछ छेडख़ानी की गई थी, जिस कारण रात 11:30 बजे से डेढ़ बजे के बीच का फुटेज रिकार्ड नहीं है। ऐसे में किसी के द्वारा जान-बूझकर ओमिनी वेन में आग लगाने की संभावना को बल मिल रहा है।  

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