मनेंद्रगढ़। नगर पालिका क्षेत्र मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 16, 17 टीवी टावर रोड स्थित बाबा बदन सिंह सार्वजनिक तालाब को भू माफियाओं (दलालों) के संरक्षण में पाटा जा रहा था, जो कि तालाब का अस्तित्व खत्म करने का कुछ लोगों के द्वारा प्रयास किया जा रहा है। देश प्रदेश में जहां एक ओर प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार के द्वारा काफी प्रयास किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत सार्वजनिक उपयोग के तालाब को कॉलोनी निर्माण के नाम पर जबरदस्ती पाटा जा रहा है जिससे वार्ड वासियों में रोष व्याप्त है ! जिसकी शिकायत मुख्य नगरपालिका अधिकारी,एसडीएम मनेंद्रगढ़, को लिखित शिकायत पूर्व व वर्तमान वार्ड पार्षद और वार्ड वासियों के द्वारा किया गया! उक्त तालाब के संबंध में वार्ड के लोगो ने कलेक्टर कोरिया से मुलाकात कर इसकी जानकारी दी गई जिस पर कलेक्टर कोरिया ने आश्वासन दिया कि इस संबंध जानकारी लेकर उचित कर्यवाई किया जाएगा ! गौरतलब है कि बाबा बदन सिंह की कोई भी औलाद नहीं थी और उनके पास लगभग 60 एकड़ जमीन थी अपने जीते जी जीवन काल में बाबा बदन सिंह ने लगभग 3 एकड़ जमीन पर तालाब, मंदिर और तालाब किनारे अपनी पत्नी का मठ स्थापित करवाया था बाबा बदन सिंह के मृत्यु के बाद उनका भी मठ उनकी पत्नी के बगल में बनाया गया। जिसे उनके कथित रिश्तेदारों ने जमीन दलालों के साथ मिलकर जेसीबी द्वारा उखाड़कर फेक दिया गया।


जब बाबा बदन सिंह की मृत्यु हो गई तो उनके रिश्तेदार भतीजे बाबा बदन सिंह के सारी जमीन जायदाद के वारिसदार हो गए जिसके बाद उनके रिश्तेदारों द्वारा उनकी सारी जमीनों को धीरे धीरे बेचना शुरू कर दिया और सारी बेचकर समाप्त कर दिया अब उनकी निगाह बचे हुए तालाब, मंदिर पर लगी हुई है जिसे भू माफियाओं के द्वारा मिलकर तलाब को पाटकर उस जगह पर प्लाटिंग कर बिल्डिंग बनाने और बेचने के फिराक में है, जबकि वर्तमान में तालाब के पानी का उपयोग साल भर वार्ड क्रमांक 14 ,15 ,16 ,17 वार्ड वासियों को द्वारा किया जाता है जनमानस के सुख दुख ,पूजा पाठ, गणेश पूजा, दुर्गा पूजा गर्मी के समय पर जब नगर में पानी की किल्लत होती है तब तालाब कई वार्डों के लिए निस्तार के अहम भूमिका निभाता है तलाब से लगा हुआ मंदिर भी है जहां छठ पूजा का कार्यक्रम भी किया जाता है।वर्तमान में बरसात के बाद उक्त तालाब जलकुंभी बेशरम अन्य गंदगी की सफाई किए जाने की आवश्यकता है।
पूर्व में वर्षों से उक्त तालाब के रखरखाव नपा द्वारा किया जाता रहा है सौंदर्यकरण के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा लाखों रुपए खर्च कर घाट निर्माण, लाइटिंग कार्य, रिटेनिंग वाल कराया गया था।जानकारी के अनुसार भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 251 के तहत सार्वजनिक तालाब को 06.अप्रैल .1959 को शासन के अधीन कर दिया गया था अत:

छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 100 (ख) के अंतर्गत सार्वजनिक उपयोग के समस्त तालाब जलाशय एवं कुआं परिषद के निहित है।

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