सरगुजा के सीतापुर-लुण्ड्रा क्षेत्र में शावक के साथ मौजूद मादा और दंतैल हाथी के आक्रामक रूख से दहशत में ग्रामीण


अंबिकापुर/लुण्ड्रा। बारिश के मौसम में जंगली हाथी जहां एक ओर फसलों, घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं सरगुजा जिले के सीतापुर, देवगढ़ और लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र अंतर्गत दो दिनों के अंतराल में हाथी के हमले में 4 लोगों की मौत हुई है। धौरपुर से लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी व असकला होते बीती शाम चिरगा पहुंचा हाथी पिता पुत्री को मौत के घाट उतार दिया और ग्रामीणों के घरों को तोड़ते रात्रि करीब 11 बजे लुण्ड्रा के रिहायसी बस्ती में पहुंच गया। इसके बाद बस स्टैंड, थाना, स्कूल ग्राउंड होते करांकी पहुंचकर जंगल की ओर चले गया। वन विभाग की टीम इन घटनाओं के बाद लगातार इलाके का भ्रमण कर रही है। घटना से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व दहशत का माहौल बना हुआ है। लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर पहुंचा है। घटना के बाद वनपरिक्षेत्राधिकारी के साथ वनमंडलाधिकारी विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम से अवगत हुए।
जानकारी के मुताबिक लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा अंतर्गत ग्राम बेवरा में 30 जुलाई की शाम करीब 7 बजे जंगली रोपा लगाकर लौट रहे राम कोरवा (60) एवं उसकी पुत्री प्यारी (35) का दंतैल हाथी से सामना हो गया। दोनों ने करीब पहुंचने के बाद हाथी को देखा और भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी की दौड़ के आगे दोनों हार गए। हाथी दोनों को पटककर कुचल दिया, जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। इसके अलावा सीतापुर और देवगढ़ में भी एक की जान हाथी ने ले ली। बुधवार को सीतापुर इलाके में एक महिला को हाथी पटककर मार डाला था। इसके पहले बुधवार की सुबह 4 बजे ग्राम बकिला में इसी लोनर हाथी ने एक महिला को कुचल दिया था। घटना के समय महिला सनमेत बाई अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। इसी बीच दंतैल उसके घर के पास पहुंच गया। दंपती अलग-अलग दिशा में जान बचाने के लिए भागे लेकिन हाथी के चंगुल में सनमेत बाई आ गई थी। तीसरी घटना सीतापुर के ग्राम देवगढ़ बखरीपारा में हुई। 55 वर्षीय मोहर साय पैकरा 31 जुलाई की सुबह 6 बजे खेत में गया हुआ था, इस दौरान उसका सामना एक मादा हाथी और उसके शावक से हो गया। हाथी ने बुजुर्ग को कुचलकर मार दिया। 24 घंटे के अंतराल में में हाथी के हमले में हुई 4 मौतों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन अमले नेे ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से मना किया है।
हाथियों का आक्रामक रुख देखकर सहमे ग्रामीण
वन विभाग के मुताबिक हाथियों के दल से एक हाथी बिछड़ गया है, जो कई दिनों से लुण्ड्रा क्षेत्र में आतंक मचा रखा है। हाथी ने एक महिला की जान ली, इसके बाद गुरुवार को एक पुरुष और एक लड़की को मौत के घाट उतार दिया। सीतापुर में इसी हाथी ने गुरूवार को एक किसान की जान ले ली। सीतापुर में पहली बार पहुंचा हाथी पहुंचा है। हाथियों को इसके पहले ग्राम ललितपुर में देखा गया था। सीतापुर में जिस मादा हाथी ने बुजुर्ग को मारा है, उसके साथ एक बच्चा भी है। ऐसे में अपने शावक की सुरक्षा को लेकर मादा हाथी के आक्रामक होने की संभावना बनी हुई है। लुण्ड्रा में तीन लोगों की जान लेने वाला लोनर दंतैल बलरामपुर जिला के राजपुर से होकर आया है। दंतैल राजपुर से धौरपुर, लुण्ड्रा, चेन्द्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा पहुंचा था। बहरहाल वन विभाग मृतकों का पंचनामा तैयार करके मुआवजा की कार्रवाई कर रहा है। हाथियों के दल की मैनपाट क्षेत्र में भी लगातार आबादी वाले इलाके में उपस्थिति बनी हुई है, जो लोगों के लिए खतरे की घंटी है। ग्रामीण 24 घंटे के अंदर हुई 4 मौतों को लेकर सहमे हुए हैं।
बयान
सीतापुर क्षेत्र में मादा हाथी अपने बच्चे के साथ घूम रही है। पहली बार हाथी देवगढ़ पहुंचे हैं। लुण्ड्रा में अकेले घूम रहे हाथी ने तीन लोगों को मारा है, अब तक सीतापुर, लुण्ड्रा इलाके में हाथी के हमले से 4 ग्रामीणों की मौत हुई है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और हाथी से छेड़छाड़ नहीं करने की सलाह दी गई है।
अभिषेक जोगावत, वनमण्डलाधिकारी सरगुजा

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