0 कांग्रेस के कई पदाधिकारियों ने एक नाम पर बनाई सहमति
सूरजपुर। कोरोना सकंट के बीच छत्तीसगढ़ में निगम मंडल अध्यक्षों के नियुक्ति की सियासत तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी कुछ दिनों में इसकी घोषणा कांग्रेस द्वारा कर दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर कवायद तेज है, पिछले दिनों ही छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने राज्य के दिग्गज नेताओं से राय सुमारी की थी। इसी बीच अब सूरजपुर जिले में भी कांग्रेस में एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। अमूमन कई मुद्दों पर जो कांग्रेसी बिखरे-बिखरे नजर आते थे, वे सभी निगम मंडल अध्यक्ष को लेकर एक राय हो गए हैं और अपनी प्रबल दावेदारी एक नाम पर पेश कर रहे हैं। जिससे जिले को भी इन नियुक्तियों में अवसर मिल सके। कांग्रेस में पंचायत से लेकर जिला तक के तमाम पदाधिकारियो ने एक मत से कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष विन्धेश्वरशरण सिंहदेव के नाम पर अपनी सहमति जताई है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर श्री सिंहदेव को निगम मंडल के अध्यक्ष की नियुक्तियों में स्थान देने की मांग की है। श्री सिंहदेव ने अध्यक्षीय कार्यकाल में कांग्रेस में युवाओं की एक सशख्त टीम खड़ी कर पार्टी की मजबूती के साथ एक अलग पहचान बनाने में सफल रहे थे। जिसका सार्थक परिणाम भी सामने आया और विधानसभा से लेकर नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक सफलता अर्जित की और पार्टी ने जिले में एक नया मुकाम हासिल किया। एकबार फिर जिले में पार्टी के तमाम दिग्गज व पदाधिकारी विन्धेश्वर शरण सिंहदेव को निगम मंडलो में होने वाली नियुक्तियों में पद से नवाजे जाने को लेकर एकमत दिखाई पड़ रहे है जो आने वाले दिनों में पार्टी के लिए अच्छा संकेत माना जा है। राज्य में निगम मंडल में जिन्हें तव्वजो दी जानी है उसके लिए भी जो पैमाना तय किया गया है उसमे भी श्री सिंहदेव हर लिहाज से खरा उतरते दिखाई पड़ रहे है। वही राजनीति पृष्टभूमि के लिहाज से भी वे काफी मजबूत है। जिले में कांग्रेस की राजनीति को मजबूत करने व बैलेंस बनाने की दृष्टि से पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारी चाहते हैं कि विन्धेश्वर शरण सिंहदेव को किसी निगम आयोग में शामिल किया जाए ताकि जिले में कांग्रेस की राजनीति और मजबूत हो सके साथ ही जिले में विकास कार्यों का मार्ग भी प्रशस्त हो। इसके लिए जिला पंचायत अध्यक्ष राजकुमार मरावी, उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अश्वनी सिंह, पूर्व विधायक निरंजन सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भगवती राजवाड़े, जनपद अध्यक्ष जगलाल सिंह, नगर पंचायत बिश्रामपुर अध्यक्ष आशीष यादव समेत विधायक खेलसाय सिंह व अन्य कई पदाधिकारियों ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर विन्धेश्वर शरण सिंहदेव को निगम मंडल में अध्यक्ष बनाए जाने का अनुरोध किया है।
पार्टी व पारिवारिक पृष्ठभूमि
विन्धेश्वर शरण सिंह के पिता स्व. उमेश्वरशरण सिंहदेव भी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके है। जिनकी विरासत उन्होने संभाली थी । मिलनसार व मृदभाषी विंकी बाबा बसदेई की भी उस विरासत को संभाले हुए है जहां उनके बडे पिताश्री माधेश्वर शरण सिंहदेव सरपंच से लेकर जनपद अध्यक्ष तक रहे और बसदेई में जवाहर नवोदय विद्यालय के साथ साथ अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान बसदेई मध्यप्रदेश का पहला ऐसा गांव था जो आर्दश ग्राम की श्रेणी में शामिल था। इस गांव की खासियत यह भी थी कि उस दौरान भी इस गांव में बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं न केवल मुहैया थी बल्कि कई मामलों में आत्मनिर्भर भी था। आज भी बसदेई में इसकी अमिट छाप बरकरार है । जिला पंचायत सदस्य के रूप में सियासत शुरू करने वाले विंकी बाबा ग्रामीण क्षेत्र में बराबर संपर्क बनाने वालो में जाने जाते है । इसके अलावे उनकी पहचान पिता के साथ-साथ स्व. महराज चंडिकेश्वर शरण सिंह के पोते के रूप में भी जो 1952 से 1962 तक क्षेत्र के सांसद रहे और लोक सभा में नेताप्रतिपक्ष तथा सूरजपुर के पहले विधायक होने का गौरव भी हासिल रहा। इतना ही नहीं उनके पिता श्री भी किसान नेता माने जाते थे जो भारत कृषक समाज व सहकारिता से जुडे रहे, जिन्हे राष्ट्रीय अवार्ड भी मिला । 2004 में अविभाजित सरगुजा जिले में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष ऐसी परिस्थिति में बने जब कांग्रेस अल्पमत में थी। कांग्रेस के मात्र 9 सदस्य थे बावजूद इसके अपनी मिलनसारिता के आधार पर उन्होने उपाध्यक्ष पद हासिल किया।

Categorized in: