यात्रा में शामिल संतो का बैकुंठपुर व मनेंद्रगढ़ में हुआ अभूतपूर्व स्वागत…

बैकुंठपुर–मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ से विश्व हिंदू परिषद और हिंदूवादी संगठनों ने हिंदू स्वाभिमान पदयात्रा का शुभारंभ किया है। जो कि गत दिनों कोरिया व एमसीबी प्रवास पर पहुंची। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। सामाजिक समरसता का संदेश फैलाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अपील के साथ इस यात्रा की शुरुआत हुई। इस यात्रा में अखिल भारतीय संत समिति की छत्तीसगढ़ ईकाई शामिल है। करीब 700 किलोमीटर की यह यात्रा होगी. फिर रायपुर में 19 मार्च को धर्म सभा में इस यात्रा का समापन होगा। उक्त आशय के उद्गार हिंदू स्वाभिमान जागरण संत पदयात्रा में शामिल स्वामी परमानंद ने व्यक्त किये। इस यात्रा के संबंध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ठाकुर प्रसाद केसरी ने बताया कि इस यात्रा की शुरुआत दंतेश्वरी मंदिर से हुई है। श्री ठाकुर ने दावा किया कि, “यात्रा के दौरान, संत लोगों से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने, ऊंच-नीच की भावना दूर करने में योगदान देने के लिए आग्रह कर रहें हैं। भारत बंटवारे के बाद भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए था. लेकिन, दुर्भाग्य से भारत को सेक्युलर देश घोषित किया गया। आज दूसरे दिन अग्रसेन धर्मशाला में संत समागम का आयोजन किया गया। इस मौके पर रामचरित द्विवेदी, रतन केसरवानी, रवि कुमार सिंह,नीरज अग्रवाल(नीटू ) दिनेश गुप्ता राजू , अनिल मित्तल, जगदंबा अग्रवाल, आदित्य राज तिवारी, सुभाष  अग्रवाल सिट्टू, राम किशन सोनी, रामधुन जायसवाल, प्रियांशु मिश्रा, विशाल यादव समेत अन्य सभी  कार्यकर्ताओं ने सभी संतों का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में स्वामी परमानंद जी ने कहा कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि यात्रा को इतना अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। जगह-जगह यात्रा का सनातन धर्मावलंबी स्वागत कर रहे हैं. राष्ट्र निर्माण में संतों को भी अपनी भूमिका निभानी पड़ेगी। इस कार्य के लिए जनता भी तैयार बैठी है। संत समागम के अवसर पर स्वामी परमानंद गोरखपुर पेंड्रा रोड के साथ ही स्वामी सीतारामदास, स्वामी रामानंद सरस्वती, कौशल किशोर धूनी बाबा, गणेश दास, सूर्य प्रकाश दास, विघ्ना राम पंडा शंकरगढ़, नागेश्वर तुर्रा धाम के सात पंडा पुजारी सन्यासी वैष्णव सभी मौजूद रहे। सभी संतो ने इस मौके पर कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है, हिंदू हिंदू एक रहें,मंदिर में एकत्रीकरण हर मंगलवार ठीक शाम 7:00 बजे हो। जहां संत नहीं गए वहां हम जाएंगे। इसके अलावा संतो ने यह भी कहा कि धर्मांतरण एवं लव जिहाद बर्दाश्त नहीं होगा। अखिल भारतीय संत समिति द्वारा आयोजित यात्रा सारे समाज संगठन से सहयोग का आवाहन करती है। गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी संतो द्वारा की गई। रात्रि विश्राम के पूर्व यात्रा में मदर नगर पहुंचे सभी संतो ने दलित समाज के लोगों के घर जाकर भोजन ग्रहण किया। घर पर अरुण मोंगरे और रमेश मोगरे के घर पहुंचे संतों का मोगरे परिवार ने हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर समाज के लोग काफी संख्या में मौजूद रहे। भोजन के उपरांत उन्होंने कहा कि संत समाज जाति के जहर को समाप्त करने के लिए जुटा हुआ है। हम सभी हिंदू जन एक हैं, और इसी भाव के साथ यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

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