राजेंद्र ठाकुर (राजू)ब्यूरो कार्यालय बलरामपुर
बलरामपुर जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद तीन वर्षीय मासूम की मौत का मामला सामने आया है। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिले में संचालित अवैध क्लिनिकों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जमुआटांड़ निवासी रमेश चेरवा अपने तीन वर्षीय पुत्र को बुखार आने पर सरनाडीह निवासी एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में उपचार के लिए ले गया था जहां मासूम को इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन बच्चे को घर लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत अचेत जैसी हो गई। और परिजनों के अनुसार मासूम की मौत हो गई
हालांकि मासूम की मौत का वास्तविक कारण क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों ने उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने की बात कही है। वहीं इस मामले में बलरामपुर पुलिस जांच में जुटी हुई है
